नई दिल्ली, 16 सितंबर (विशेष प्रतिनिधि)
देशभर में ऑनलाइन अवैध सट्टे का बाजार 10 लाख कराेड़ के पार पहुंच गया है. एक रिपाेर्ट में दावा किया गया है कि देश में 15 अवैध ऑनलाइन सट्टा प्लेटफाॅर्म पर करीब 540 कराेड़ से ज्यादा विजिट दर्ज हैं. इसमें 854 इन्फ्लुएंसर प्रचार करते हैं.
बैन हाेने के बावजूद हर राेज डेढ़ कराेड़ लाेग दांव लगा रहे हैं. रिपाेर्ट के अनुसार हर यूजर से औसतन 6 लाेग प्रभावित हाेते हैं. दुनियाभर में 8 कराेड़ युवा सट्टे की लत से जूझ रहे हैं. 60 प्रतिशत यूजर पैसे हारते ही है.ऐसा रिपाेर्ट में दावा किया गया है. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार ऑनलाइन सट्टेबाजी पर कानून सख्त हाेने के बावजूद इसका बाजार खत्म नहीं हुआ है.
रिपाेर्ट के मुताबिक, देश में इसका अवैध बाजार करीब 10 लाख कराेड़ से ज्यादा है. सूत्राें के अनुसार कानून से बचने के लिए प्लेटफाॅर्म विदेश शिफ्ट किए गए हैं.
सट्टेबाजी चलाने के लिए म्यूल बैंक खाते, टेलीग्राम समूह, नए डाेमेन और विदेशी सर्वर का इस्तेमाल किया जा रहा है. रिपाेर्ट के मुताबिक, औसतन हर दिन करीब 1.48 कराेड़ बार इन मंचाें तक पहुंच बनाई गई. वहीं, 854 इन्फ्लुएंसर भी सट्टेबाजी प्लेटफाॅर्म के प्रचार में शामिल मिले. संसद ने 2025 में ऑनलाइन मनी गेम पर राेक लगाने वाला कानून पारित किया है. यह 1 मई 2026 से प्रभावी है. रिपाेर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 8 कराेड़ वयस्क सट्टे की लत से जूझ रहे हैं. इसका असर सिर्फ सट्टा खेलने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता. हर यूजर से औसतन 6 लाेग प्रभावित हाेते हैं.
रिपाेर्ट के मुताबिक, 60% यूजर पैसे हारते हैं. इससे इलाज और पढ़ाई प्रभावित हाे सकती है और इसका असर पीढ़ियाें तक रह सकता है. ऑनलाइन गेमिंग में पैसे वाले खेलाें के दाैरान भ्रामक डिजाइन, लत बढ़ाने वाले एल्गाेरिदम, बाॅट और एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है. जीत मिलने पर यूजर काे इनाम का अहसास हाेता है.
हारने के बाद रकम वापस पाने के चक्कर में अगला और बड़ा दांव लगाने की काेशिश हाेती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, लत के तीन संकेत हैं नियंत्रण खाेना, सट्टे काे प्राथमिकता देना और नुकसान के बावजूद खेलते रहना.
रिपाेर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 8 कराेड़ वयस्क सट्टे की लत से जूझ रहे हैं. इसका असर सिर्फ सट्टा खेलने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता. हर यूजर से औसतन 6 लाेग प्रभावित हाेते हैं. रिपाेर्ट के मुताबिक, 60% यूजर पैसे हारते हैं.
इससे इलाज और पढ़ाई प्रभावित हाे सकती है और इसका असर पीढ़ियाें तक रह सकता है. ऑनलाइन गेमिंग में पैसे वाले खेलाें के दाैरान भ्रामक डिजाइन, लत बढ़ाने वाले एल्गाेरिदम, बाॅट और एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है. जीत मिलने पर यूजर काे इनाम का अहसास हाेता है.
हारने के बाद रकम वापस पाने के चक्कर में अगला और बड़ा दांव लगाने की काेशिश हाेती है. सट्टेबाजी वेबसाइट या ऐप काे ब्लाॅक करना स्थायी समाधान नहीं है. कंपनी नया डाेमेन, ऐप या एपीके फाइल बनाकर फिर लाैट जाती है. नेटवर्क ताेड़े बिना सिर्फ प्रतिबंध से इसे खत्म नहीं किया जा सकता. सभी देशाें काे मिलकर साझा नियम बनाने हाेंगे. संबंधित एजेंसियाें के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और लगातार निगरानी जरूरी है.
ऑनलाइन सट्टा मनी लाॅन्ड्रिंग और वित्तीय सुरक्षा से भी जुड़ा है. अवैध रकम काे क्रिप्टाे में बदलकर दूसरे देशाें तक पहुंचाया जा सकता है. इसलिए तकनीकी निगरानी, प्लेटफाॅर्म की जिम्मेदारी और अंतरराष्ट्रीय समन्वय, तीनाें जरूरी हैं.