बिहार में एक साल में 14,500 बच्चे लापता !

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस व प्रशासन को लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई

    18-Sep-2026
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ChildrenKidnap
पटना, 17 सितंबर (वि.प्र.)
बिहार में एक साल में 14,500 बच्चे लापता हाे गए हैं. पटना हाईकाेर्ट ने पुलिस व प्रशासन काे लापरवाही काे लेकर फटकार लगाते हुए कहा-नालंदा जैसे हाॅस्पिटल से बच्चे गायब हाे रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. काेर्ट ने कहा-कले्नटर भी इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे. काेर्ट ने कहा कि एफआईआर कथित ताैर पर लगभग दाे महीने की देरी के बाद दर्ज की गई थी.
 
जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और सुनील दत्ता मिश्रा की डिवीजन बेंच ने 15 सितंबर काे कहा कि यह मामला न केवल पुलिस अधिकारियाें बल्कि नालंदा के जिलाधिकारी के भी असंवेदनशील रवैये का एक ‘ज्वलंत उदाहरण’ है, जिन्हाेंने एफआईआर दर्ज करने में देरी की. आदेश में लिखा था, हाल ही में जुवेनाइल जस्टिस की एक दिन की स्टेट लेवल काॅन्फ्रेंस में, बिहार के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने ऑन रिकाॅर्ड कहा कि एक साल में 14,500 से ज़्यादा बच्चाें के लापता हाेने की रिपाेर्ट मिली है. अगर यह स्थिति है ताे एक बात जाे हम सभी काे एकमत से तय करनी हाेगी, वह यह है कि पुलिस थानाें का चार्ज सिर्फ पुलिस फाेर्स के संवेदनशील अधिकारियाें काे दिया जाए, उनका एटीट्यूड टेस्ट किया जाए और उनकी साेच काे समझने के बाद ही कि वे इन मामलाें में किस लेवल पर काम करने के लिए संवेदनशील हैं, उन्हें पुलिस थानाें में पाेस्ट किया जाए. काेर्ट एक ऐसे आदमी की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रहा था जिसका नवजात बच्चा कथित ताैर पर नालंदा के एक अस्पताल से गायब हाे गया था.
काेर्ट काे बताया गया कि अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने की कार्रवाई की गई है.