पिंपरी, 17 सितंबर (आ.प्र.)
प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के जन्मदिन के अवसर पर भसेवा संकल्प अभियान* शुरू किया गया है. शासन के सभी विभाग इस सेवा संकल्प अभियान में अलग-अलग लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं. जिन आदिवासी लाेगाें काे उनकी जमीन का पट्टा नहीं मिला है, उन्हें पट्टा दिया जाएगा. 1 जनवरी 2011 से पहले जाे लाेग सरकारी जमीन पर बसे हैं, उन्हें भी मालिकाना हक और प्राॅपर्टी कार्ड दिया जाएगा. यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी.
राजस्व मंत्री बावनकुले गुरुवार काे पिंपरी-चिंचवड़ शहर के दाैरे पर थे. उन्हाेंने विधायक शंकर जगताप, अमित गाेरखे, मनपा आयुक्त विजय सूर्यवंशी, नगरसेवक राहुल कलाटे के आवास पर जाकर गणपति के दर्शन किए. इससे पूर्व बावनकुले ने पत्रकाराें से बातचीत की. उन्हाेंने कहा, ‘सेवा संकल्प अभियान’ काे देशभर से समर्थन मिल रहा है. जनता काे विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है.
जिन आदिवासी लाेगाें काे उनकी जमीन का पट्टा नहीं मिला है, उन्हें पट्टा देकर मालिकाना हक और प्राॅपर्टी कार्ड दिया जाएगा. 1 जनवरी 2011 से पहले जाे लाेग सरकारी जमीन पर बसे हैं, उन्हें भी राजस्व विभाग के माध्यम से मालिकाना हक और प्राॅपर्टी कार्ड दिया जाएगा.
उन्हाेंने कहा भटके-विमुक्त समाज में 53 जातियां (जमातें) हैं. इन जातियाें की उपेक्षा हुई थी. महायुति सरकार ने सबसे ज्यादा ध्यान भटके समाज और पारधी समाज पर दिया है. ये लाेग कहीं भी रहते हैं, घूमते हैं. उन्हें घर देना और उन्हें सक्षम बनाना, यह भूमिका हमने इस सेवा संकल्प अभियान में ली है. उन्हाेंने बतायाइस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठकें हुई हैं.