वाॅशिंगटन/नई दिल्ली,
17 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
रूस से तेल खरीदने पर 100 प्रतिशत टैरिफ का बिल अमेरिका में पास हाे गया है. भारत तथा चीन सहित कई देशाें पर बड़ा टैरिफ लगाने का रास्ता अब साफ हाे गया है. ‘ब्र्निस’ की सफलता के बाद बाैखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फिर टैरिफ के बहाने शिकंजा कसने की तैयारी में हैं.
वहीं पलटवार करते हुए भारत ने कहा-देश के हिताें के साथ काेई समझाैता नहीं हाेगा. अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार काे रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशाें पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया.
पक्ष में 262 और विराेध में 159 वाेट पड़े. सीनेट अगस्त में इसे 86-11 वाेट से पास कर चुकी है. ट्रम्प के साइन करते ही यह कानून बन जाएगा. इसे आधिकारिक ताैर पर लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 नाम दिया गया है. रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशाें की अमेरिकी लिस्ट में चीन, भारत, स्लाेवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में इस लिस्ट का आकलन करेंगे. अमेरिका की तरफ से 100% टैरिफ पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश के हिताें से समझाैता नहीं करेंगे.