आगरा, 18 सितंबर (विशेष प्रतिनिधि)
आगरा में शुक्रवार काे हजाराें युवक यूजीसी के विराेध में सड़क पर उतरे और जाेरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी किए.
इसके बाद कले्नट्रेट का घेराव करने से राेकने पर पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं.
इसमें कई लाेगाें काे गिरफ्तार भी किया गया. शहर के कई स्थानाें पर पुलिस से नाेंकझाेंक हुई. 100 से ज्यादा ट्रै्नटराें में सवार युवक आंदाेलन में शामिल हुए.
प्रदर्शनकारियाें ने हाइवे जाम कर हनुमान चालीसा पढ़ा. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार आगरा के एत्मादपुर के संवई गांव से करीब 200 मीटर आगे पुलिस और पीएसी ने 4 क्रेन और 7 बुलडाेजर से बैरियर लगाकर उन्हें राेक दिया. इसके बावजूद ये युवक कलेक्ट्रेट जाने की मांग पर अड़ गए.
इसकाे लेकर प्रदर्शनकारियाें और पुलिस के बीच तीखी नाेकझाेंक और धक्का-मुक्की शुरू हाे गई. हालात संभालने के लिए माैके पर तैनात 2 कंपनी पीएसी और करीब 300 पुलिसकर्मियाें ने प्रदर्शनकारियाें काे गांव की तरफ खदेड़ दिया. लेकिन, प्रदर्शकारी शांत नहीं हुए.
दाेपहर करीब 3 बजे प्रदर्शनकारियाें ने बैरियर ताेड़ते हुए आगरा-फिराेजाबाद हाईवे की तरफ दाैड़ लगा दी. उन्हें राेकने के लिए पुलिसवाले भी पीछे-पीछे दाैड़ने लगे. इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर धरने पर ही बैठ गए.
प्रदर्शन के चलते हाईवे पर गाड़ियाें की लंबी लाइन लग गई. स्थिति काे संभालने के लिए पुलिस ने 10 प्रदर्शनकारियाें काे हिरासत में ले लिया. माैके की ड्राेन से भी निगरानी की गई. करीब 7-8 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियाें की प्रशासन और सरकार से बात हुई.
इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी संवई गांव पहुंच गए. अब वहीं धरना कर रहे हैं. धरनास्थल पर 100 से अधिक पुलिसवाले भी तैनात हैं. बता दें, सवर्ण समाज के युवकाें का गुस्सा यूजीसी के अलावा गुरुवार काे किसान नेताओं काे हाउस अरेस्ट करने काे लेकर भी है. प्रदर्शनकारी अंशुमान ठाकुर ने बताया- हमारा ऐतिहासिक ट्रैक्टर मार्च था. इससे पहले प्रशासन और यूपी सरकार ने हमारी बात काे सुना. सकारात्मक बात हुई. भराेसा दिलाया है कि हम 4 दिन के अंदर केंद्रीय मंत्रिमंडल से यूजीसी के संबंध में बात कराएंगे.