HCMTR के भूमि अधिग्रहण हेतु प्रस्ताव मंजूर

2,634 करोड का मुआवजा दिया जाएगा: स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने जानकारी दी

    19-Sep-2026
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HCMT 
शिवाजीनगर, 18 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
शहर में यातायात जाम की समस्या के दीर्घकालीन समाधान के रूप में प्रस्तावित उच्च क्षमता द्रुतगति मार्ग (कउचढठ) के लिए करीब 2 हजार 634 कराेड़ का भूमि अधिग्रहण खर्च अपेक्षित है. परियाेजना के लिए 4 लाख 98 हजार 390 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित करनी हाेगी. प्रस्ताव काे स्थायी समिति ने मंजूरी दी है, यह जानकारी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने दी.
 
कउचढठ तथा इनर रिंग राेड परियाेजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 27 जुलाई काे हुई समीक्षा बैठक में दिए गए थे. 28 अगस्त काे जिलाधिकारी कार्यालय में मनपा आयुक्त और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव 31 अगस्त तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे. इसके अनुसार मनपा ने प्रस्ताव जिलाधिकारी के पास प्रस्तुत किए हैं.
 
परियाेजना के लिए 15 गांवाें इनमें बाेपाेड़ी, औंध, भांबुर्डा, एरंडवणा, काेथरूड, हिंगणे, पर्वती, मुंजेरी, वानवड़ी, हडपसर, मुंढवा, वडगांवशेरी, लाेहगांव, येरवडा और धानाेरी क्षेत्राें की जमीन अधिग्रहित करनी हाेगी. इसके लिए लगभग 2,634 कराेड़ रुपये मुआवजा देना अपेक्षित है. नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार धारा 19 की अधिसूचना जारी करने से पहले 30 प्रतिशत राशि जमा करनी हाेती है. यह राशि पहले जमा न कर अंतिम निर्णय के समय पूरी मुआवजा राशि जमा करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं. इससे प्रक्रिया शुरू करते समय मनपा काे तत्काल 30 प्रतिशत राशि जमा नहीं करनी हाेगी, लेकिन अंतिम निर्णय के चरण में बड़ी निधि की व्यवस्था करनी पड़ेगी.
 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार संबंधित संस्थाओं काे अपने कार्यक्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया तथा उसका खर्च वहन करने के निर्दे श दिए गए हैं. इसलिए एचसीएमटीआर के कार्यक्षेत्र में आने वाली जमीन के अधिग्रहण का खर्च मनपा काे ही उठाना हाेगा.
 
भूमि अधिग्रहण नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 तथा महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम 1966 की धारा 126 के अनुसार करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है. राज्य सरकार काे प्रस्ताव भेजने से पहले स्थायी समिति के माध्यम से मुख्य सभा की मंजूरी लेना हाेगा, ऐसी विभाग की सिफारिश है. प्रत्यक्ष काम शुरू हाेने से पहले ही मनपा के सामने 2,634 कराेड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण खर्च की बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी है.