लाेनावला, 18 सितंबर (आ.प्र.)
आज के तकनीक और तेज रफ्तार जीवनशैली के दाैर में तनाव बढ़ रहा है. ऐसे समय में याेग व्यक्ति काे संतुलन, जागरूकता और एकाग्रता प्रदान करता है. याेग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद करता है. अधिक संतुलित, जागरूक और स्वस्थ जीवन जीने के लिए याेग एक प्रभावी माध्यम है, यह प्रतिपादन उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया.
वे कैवल्यधाम स्थित गाेर्धनदास सेक्सरिया काॅलेज ऑफ याेग एंड कल्चरल सिंथेसिस के अमृत महाेत्सव समाराेह में बाेल रहे थे.
इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा कैवल्यधाम ग्लाेबल के अध्यक्ष सुरेश प्रभु, कैवल्यधाम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुबाेध तिवारी, राकेश सेक्सरिया सहित अन्य उपस्थित थे.
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में याेग व्यक्ति काे रुकने, विचार करने, अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने और स्वयं से फिर जुड़ने का अवसर देता है. मन और शरीर के बीच संतुलन तथा एकाग्रता बढ़ाने के लिए याेग उपयाेगी है. उन्हाेंने कहा कि महर्षि पतंजलि के सूत्र आज सूचना के निरंतर प्रवाह के दाैर में भी महत्वपूर्ण हैं.
उन्हाेंने कहा कि याेग काे आज वैश्विक स्तर पर व्यापक मान्यता मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में याेग के महत्व काे रेखांकित किया था. इसके बाद 21 जून काे अंतरराष्ट्रीय याेग दिवस घाेषित किया गया.