चाकण, 1 सितंबर (आ.प्र.)
पुणे जिला प्रशासन द्वारा चाकण औद्याेगिक क्षेत्र में गड्ढाें की मरम्मत और सड़काें के तत्काल सुधार कार्याें काे पूरा करने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की गई थी. इसके बावजूद, ‘फेडरेशन ऑफ चाकण इंडस्ट्रीज’ के अनुसार चिन्हित किए गए गड्ढाें में से लगभग 40% गड्ढाें की मरम्मत हाेना अभी बाकी है. प्रशासन ने औद्याेगिक क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से निपटने के उद्देश्य से बनाई गई एक समयबद्ध कार्ययाेजना के अंतर्गत कई एजेंसियाें काे सड़काें की मरम्मत करने, क्षतिग्रस्त किनाराें काे सुधारने और अन्य तत्काल बुनियादी ढांचागत समस्याओं काे हल करने का निर्देश दिया था.
फेडरेशन ऑफ चाकण इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप बटवाल ने कहा कि मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन औद्याेगिक क्षेत्र अभी पूरी तरह से गड्ढा- मुक्त हाेने से काफी दूर है. बटवाल ने कहा, काम जारी है, लेकिन सड़कें अभी पूरी तरह गड्ढा मुक्त नहीं हुई हैं. अब तक लगभग 60% गड्ढाें की मरम्मत की जा चुकी है. उन्हाेंने आगे कहा कि केवल गड्ढाें की मरम्मत करना ही ट्रैफिक की बड़ी समस्या काे हल करने के लिए काफी नहीं हाेगा, क्याेंकि ट्रकाें की भारी आवाजाही, सड़क किनारे पार्किंग, बाॅटलनैक (संकरे रास्ते) और खराब सड़क बुनियादी ढांचा पूरे औद्याेगिक बेल्ट में कर्मचारियाें और माल वाहनाें की आवाजाही काे प्रभावित कर रहा है.औद्याेगिक प्रतिनिधियाें का कहना है कि मरम्मत का काम जारी रहने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर स्थिति चुनाैतीपूर्ण बनी हुई है.
चाकण के निवासी और दैनिक यात्री करण मकवाना ने कहा, हम मरम्मत कार्य का स्वागत करते हैं, लेकिन यात्रियाें काे अभी भी देरी का सामना करना पड़ रहा है क्याेंकि कई हिस्से अभी भी क्षतिग्रस्त हैं और ट्रैफिक का जाम लगता रहता है.
अधिकारियाें काे शेष काम जल्दी पूरा करने की आवश्यकता है.
एक अन्य निवासी हरिता झंगी ने कहा कि यह समस्या केवल गड्ढाें तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक यातायात प्रबंधन समाधान की आवश्यकता है. उन्हाेंने कहा, जहां गड्ढाें की मरम्मत की जा चुकी है, वहां भी ट्रैफिक जाम में खास कमी नहीं आई है. भारी वाहन, सड़क किनारे पार्किंग और संकरे रास्ते विशेष रूप से व्यस्त समय (पीक आवर्स) के दाैरान बाधाएं पैदा करते रहते हैं.
पुणे जिला प्रशासन सड़क अधिकारियाें, एमआईडीसी, पुलिस और नागरिक निकायाें सहित कई एजेंसियाें द्वारा समन्वित कार्रवाई पर जाेर दे रहा है.