नवी पेठ, 1 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के कात्रज-कोंढवा रोड और कैंप स्थित मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जाएगा. उल्लेखनीय है कि, ये मंदिर संस्थापक आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा स्थापित किए गए हैं. शुक्रवार, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के तहत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस महोत्सव में देशभर से लगभग 700 कलाकार, बाल कलाकार और संस्थाएं शास्त्रीय नृत्य, गायन, नाटक और वादन के जरिए अपनी कला भगवान को समर्पित करेंगे. यह जानकारी मंदिर के प्रवक्ता जनार्दन चितोड़े, उपाध्यक्ष संजय भोसले और संपर्क प्रमुख प्रसाद कारखानिस ने मंगलवार को आयोजित एक पत्रकार-वार्ता में दी. पत्रकार-वार्ता में जानकारी देते हुए संजय भोसले ने कहा जन्माष्टमी पर मंदिर में श्री राधा-वृंदावनचंद्र, जगन्नाथ-बलदेवसुभ द्रा और गौर-निताई के विग्रहों (मूर्तियों) को आकर्षक वस्त्रों और आभूषणों से सजाया जाएगा. मुख्य गर्भगृह की सजावट, सभी मंदिरों पर आकर्षक लाइटिंग के साथ श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं पर आधारित कथाएं लगातार पांच दिनों तक मंदिर में आयोजित की जाएंगी. दोनों मंदिरों में दर्शन के लिए लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव 4 सितंबर को है. सुबह 4.30 बजे मंगल आरती से उत्सव की शुरुआत होगी. ‘हरे-कृष्ण’ महामंत्र का 24 घंटे कीर्तन चलेगा और रात 9.30 बजे भगवान का अभिषेक लगभग 600 लीटर विभिन्न द्रव्यों से किया जाएगा. रात में भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे. इसके बाद, आधी रात 12 बजे भगवान की आरती होगी. समारोह के दौरान लगभग 1000 स्वयंसेवक देंगे सेवाएं 300 स्वयंसेवक भक्त प्रसाद बनाने और उसे बांटने की व्यवस्था संभालेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए करीब 1,000 स्वयंसेवक अपनी सेवाएं देंगे. मंदिर के अध्यक्ष राधेश्याम प्रभु और ट्रस्टियों ने सभी नागरिकों से भगवान के दर्शन, कथा और प्रसाद का लाभ उठाने की अपील की है.