36 साल की महिला दस साल से वृद्धावस्था पेंशन ले रही !

यूपी के इटावा की घटना: प्रशासन की लापरवाही उजागर : अधिकारियों की नींद उड़ी

    02-Sep-2026
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इटावा, 1 सितंबर (वार्ता)
यूपी के इटावा से एक हैरतअंगेज खबर है, 36 साल की एक महिला दस साल से वृद्धावस्था की पेंशन ले रही थी. इससे प्रशासन की लापरवाही उजागर हाेती है. मामला उजागर हाेने के बाद अधिकारियाें की नींद उड़ गयी है. जांच राेक दी गई है है और जांच के आदेश दिये गये हैं.
 
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश कुमार ने महिला के अपात्र हाेने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी काे लिखित शिकायत की थी. विभाग के अनुसार पिछली 13 अगस्त काे मिली शिकायत के बाद वर्ष 2024-25 के वार्षिक सत्यापन में सचिव की रिपाेर्ट के आधार पर उमा देवी काे अपात्र पाया गया. इसके बाद उसकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई.
 
प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि महिला काे करीब दस वर्षाें तक वृद्धावस्था पेंशन मिलती रही, लेकिन शिकायत के बाद विभाग ने फिलहाल केवल पेंशन राेकने की कार्रवाई की है. उनका आराेप है कि अपात्र रहते हुए प्राप्त की गई पेंशन की धनराशि की वसूली के लिए अभी तक काेई रिकवरी नाेटिस या आदेश जारी नहीं किया गया है. वृद्धावस्था पेंशन याेजना का उद्देश्य पात्र बुजुर्गाें काे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. ऐसे में 36 वर्षीय महिला काे करीब एक दशक तक इस याेजना का लाभ मिलना विभागीय सत्यापन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. यह भी जांच का विषय है कि पेंशन स्वीकृत हाेने के बाद हाेने वाले वार्षिक सत्यापन में महिला की उम्र और पात्रता की जांच किस स्तर पर की गई.
 
अधिकारी संध्या रानी बघेल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए महिला की वृद्धावस्था पेंशन राेक दी गई है. उन्हाेंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में सरकारी धन की वसूली की स्थिति बनती है ताे संबंधित महिला से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी. अब जांच में यह स्पष्ट हाेना है कि महिला ने किन दस्तावेजाें के आधार पर वृद्धावस्था पेंशन हासिल की और करीब दस वर्षाें तक हुए सत्यापन में उसकी अपात्रता सामने क्याें नहीं आई.