पुरंदर परिसर में जमीन निवेश यानि समृद्ध भविष्य की ओर कदम

संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने दी सलाह : कहा-जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, वहां मिलेगा अधिक रिटर्न

    02-Sep-2026
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हांडेवाड़ी, 1 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

पुणे शहर का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है. इस महानगर के आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का निर्माण हो रहा है. अब तक का अनुभव यही रहा है कि जिन क्षेत्रों में मेट्रो लाइन, रिंग रोड, हवाई अड्डा या औद्योगिक परियोजनाएं प्रस्तावित होती हैं, उस परिसर में रियल एस्टेट की कीमतें कुछ ही समय में आसमान छूने लगती हैं. इसी पृष्ठभूमि में, वर्तमान में पुणे के पास पुरंदर के आसपास के परिसर में भूमि में किया गया निवेश समृद्धि ला सकता है; ऐसा विचार संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने रखा है. पिछले 45 से अधिक वर्षों में संतोष स्टील्स और अब संतोष ग्रुप के माध्यम से संतोष जैन ने पुणे के उद्योग जगत में एक खास वेिशसनीयता हासिल की है. इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने जमीन में निवेश को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. संतोष जैन का मानना है कि पुरंदर में प्रस्तावित नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी. कनेक्टिविटी बेहतर होने से यहां व्यावसायिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स पार्क की मांग तेजी से बढ़ेगी. इसके अलावा, प्रस्तावित पीएमआरडीए, रिंग रोड पुरंदर के पास से गुजरने के कारण, इस इलाके को पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़ और सोलापुर/सातारा राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. उन्होंने निवेश के दृष्टिकोण से बताया कि निवेश की दृष्टि से कोई भी जमीन खरीदते समय कुछ बातों पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. आवासीय या व्यावसायिक उपयोग की मंजूरी प्राप्त एन.ए. प्लॉट्स को भविष्य में बेचना या विकसित करना आसान होता है. पीएमआरडीए या टीपी स्कीम द्वारा मान्यता प्राप्त प्राधिकरण के मास्टर प्लान में शामिल भूमि में निवेश करना अधिक सुरक्षित माना जाता है. जरूरी सावधानियां बरतें... आप जो जमीन खरीद रहे हैं, उस पर किसी बैंक का कर्ज या कोर्ट का स्टे ऑर्डर तो नहीं है, यह अच्छी तरह सुनिश्चित कर लें. जिस जमीन को आप खरीदने जा रहे हैं, उसका मौके पर जाकर निरीक्षण करना जशरी है. कागजों में दर्ज जमीन और वास्तविक जगह एक ही है या नहीं, तथा वहां तक रास्ता उपलब्ध है या नहीं, यह जरूर देख लें.
 
भविष्य में आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग भी बढ़ेगी

अब तक के अनुभव से यह कहा जा सकता है कि एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स में सुधार होने से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कारखाने और गोदाम इस इलाके में आने की संभावना काफी अधिक है, जिससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे. हडपसर, मगरपट्टा और फुरसुंगी जैसे आईटी हब के पास होने के कारण भविष्य में पुरंदर में आवासीय (रेजिडेंशियल) प्रोजेक्ट्स की मांग भी बढ़ सकती है. -संतोष जैन, डायरेक्टर, संतोष ग्रुप  
 
निवेश के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट्स की जांच करें

 जमीन का वर्तमान मालिकाना हक और उसके कुल क्षेत्रफल की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए 7/12 उतारा और 8-अ देखें. जमीन के स्वामित्व के पुराने रिकॉर्ड और हक में हुए बदलावों की जांच के लिए फेरफार पत्रक देखें. वकील के माध्यम से पिछले 30 वर्षों की सर्च रिपोर्ट निकलवाएं और यह सुनिश्चित करें कि जमीन क्लियर टाइटल (विवाद-रहित) है. संबंधित सरकारी विभाग से यह जांच लें कि जमीन येलो जोन (आवासीय), ग्रीन जोन (कृषि) या इंडस्ट्रियल जोन (औद्योगिक) में कहां आती है.