माेशी, 1 सितंबर (आ.प्र.)
उचित मूल्य (राशन) की दुकानाें से लाभार्थियाें काे गुणवत्तापूर्ण अनाज मिले, अनाज की गुणवत्ता बनी रहे और वितरण में हाेने वाली गड़बड़ियाें पर राेक लगे, इसके लिए अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा राशनदुकानाें का निरीक्षण किया जाएगा. इस निरीक्षण के दाैरान अनाज की गुणवत्ता, स्टाेरेज व्यवस्था और स्वच्छता सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी. शहर की राशन दुकानाें से फिलहाल 4 लाख 93 हजार 873 लाभार्थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं.
पहले शहर में 253 राशन दुकानें थीं, जाे अब बढ़कर 260 हाे गई हैं, इसलिए इतने बड़े पैमाने पर लाभार्थियाें तक अनाज पहुंचाने वाली इन दुकानाें की व्यवस्था का निरीक्षण महत्वपूर्ण साबित हाेगा. अब सूजी (रवा), मैदा, दालें, खाद्य तेल आदि वस्तुओं का भी वितरण किया जाता है, जिससे वितरण का दायरा बढ़ गया है. राशनदुकानाें से मिलने वाले चावल की गुणवत्ता काे लेकर भी शिकायतें मिलती रहती हैं. कुछ जगहाें पर चावल में प्लास्टिक जैसे दाने मिले हाेने का दावा किया जाता है. राशनिंग एक्शन कमेटी ने मांग की है कि इन शिकायताें की निष्पक्ष या वस्तुनिष्ठ जांच की जाए और प्रयाेगशाला (लैब) में चावल की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाए. कई राशनदुकानाें में अनाज के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं हाेती है. कुछ स्थानाें पर घुटन भरे और अस्वच्छ माहाैल में अनाज रखा जाता है. बारिश के माैसम में छत टपकने, नमी आने और चूहाें के उपद्रव से अनाज खराब हाेने की शिकायतें हैं. लाभार्थियाें द्वारा अनाज में कीड़े मिलने और फफूंद लगने की शिकायतें भी की जाती हैं, इसलिए अनाज की गुणवत्ता और भंडारण के तरीकाें की जांच की मांग उठ रही है.