नई दिल्ली, 1 सितंबर (वि.प्र.)
30 राज्याें से अब तक 13.37 कराेड़ नाम हटे. बिहार से जून 2025 से डखठ अभियान शुरु हुआ था. यह अभियान अभी भी विभिन्न चरणाें में जारी है. ड्राफ्ट स्टेज पर नाम हटने से लाेग पर्याप्त सबूत नहीं दे पा रहे. दिल्ली में सबसे कम 47.56 लाख ताे महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2.07 कराेड़ नाम हटाए गए है. नागरिकाें के पास पर्याप्त सबूत न हाेना बड़ी दिक्कत साबित हाे रहा है. चुनाव आयाेग के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (एसआईआर) के तहत देश के 30 राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें में जारी ड्राफ्ट वाेटर लिस्ट से 13 कराेड़ (13.37 कराेड़) से अधिक नाम हटाए गए हैं. यह संशाेधन अभियान जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ था और तब से विभिन्न चरणाें में आगे बढ़ रहा है.हाल ही में पूरे हुए तीसरे चरण में 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे. चिंता की मुख्य बात यह है कि ड्राफ्ट स्टेज पर नाम हटने से सबूत पेश करने की जिम्मेदारी सीधे नागरिक पर आ जाती है. जिस मतदाता का नाम पहले से सूची में माैजूद था, उसे अब अपना नाम दाेबारा जुड़वाने के लिए महज़ एक महीने के भीतर नए सिरे से (फाॅर्म-6 के माध्यम से) आवेदन करना हाेगा.
नाम हटाने के आंकड़े क्या दर्शाते हैं?
1-13 कराेड़ के पार पहुंचा कुल आंकड़ा : अब तक ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने वाले 30 राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें काे मिलाकर कुल 13.37 कराेड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से बाहर किए जा चुके हैं.
2-तीसरे चरण में 6.15 कराेड़ की कटाैती : तीसरे चरण के तहत शामिल 17 प्रशासनिक इकाइयाें (राज्याें/यूटी) में जारी ड्राफ्ट सूची से अकेले 6.15 कराेड़ नाम हटाए गए.
3-दिल्ली में सबसे बड़ी कटाैती :
संशाेधन से पहले दिल्ली में कुल मतदाता: 1.45 कराेड़, संशाेधन के बाद ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाता : 97.53 लाख, कुल कमी : 47.56 लाख नाम हटाए गए (कुल मतदाताओं का 32.8%).
तीन अन्य क्षेत्राें में 20% नाम कटे :
दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव : 29.6%
तेलंगाना : 21.7% अंडमान और निकाेबार द्वीप समूह : 20.6%
नागालैंड और त्रिपुरा में एसआईआर की गिनती एवं ड्राफ्ट संशाेधन की प्रक्रिया आगामी दाे महीनाें में शुरू हाेगी.