बुधवार पेठ, 1 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति की ख्याति न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई है. आम नागरिकों की तरह ही देश की सीमा पर तैनात जवान भी भगवान गणेश के भक्त हैं. उनके लिए कारगिल, जम्मू, अयोध्या और राजस्थान सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए श्री गणेश की प्रतीकात्मक मूर्तियां दी गई हैं. सैनिकों की इन टुकड़ियों के लिए ये मूर्तियां मंदिर में सौंपी गईं और अब देश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए रवाना हो चुकी हैं. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से भारतीय सेना की 24, 5, 19 और 1 मराठा लाइट इन्फेंट्री यूनिट के सैनिकों को गणपतिजी की मूर्तियां भेंट की गईं. इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, राजाभाऊ चव्हाण, तुषार रायकर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे. भारतीय सैनिक देश की सीमाओं पर दिन-रात पहरा देते हैं, इसलिए वे पुणे आकर गणेशोत्सव में शामिल नहीं हो पाते. इसी को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष भी मराठा लाइट इन्फेंट्री यूनिट के सैनिक कारगिल, जम्मू, अयोध्या और राजस्थान सहित देश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में श्रीमंत दगडूसेठ गणेशजी की प्रतीकात्मक मूर्ति स्थापित करेंगे. हाल ही में यह मूर्तियां विभिन्न स्थानों के लिए रवाना की गई हैं. लगातार 16 वर्षों से यह पहल जारी है और बटालियन की संख्या में भी वृद्धि हो रही है. ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने बताया कि, वर्ष 2011 से मराठा बटालियन और दगडूसेठ गणपति ट्रस्ट के बीच गहरे संबंध हैं. सीमा पर स्थित भारतीय सैन्य चौकियों में श्री गणेश की मूर्ति स्थापित करने से सैनिकों को एक अलग ऊर्जा मिलती है. सैनिकों ने भी यह भावना व्यक्त की है कि बप्पा का आशीर्वाद सभी जवानों पर बना रहेगा.