नई दिल्ली, 1 सितंबर (वि.प्र.)
डाॅ्नटराें के साथ मारपीट करनेवाले जमानत के हकदार नहीं यह टिपण्णी सुप्रीम काेर्ट ने की है.ठाणे में शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे द्वारा मारपीट मामले में सुनवाई के दाैरान कड़ी टिप्पणी की है.फटकारते हुए कहा - ऐसे मामलाें काे हल्के में नहीं लिया जा सकता. ठाणे मनपा के हाॅस्पिटल में शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे द्वारा डाॅक्टर से की गई मारपीट के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम काेर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है.काेर्ट ने कहा कि जाे लाेग डाॅक्टराें के साथ मारपीट करते हैं, वे जमानत के हकदार नहीं है.काेर्ट की यह टिप्पणी तब आई जब ठाणे में डाॅक्टराें से मारपीट के आराेपी शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे ने सुप्रीम काेर्ट का दरवाजा खटखटाया. म्हात्रे ने बाॅम्बे हाईकाेर्ट द्वारा अपनी जमानत पर लगाई गई महाराष्ट्र से बाहर रहने जैसी सख्त शर्ताें काे चुनाैती दी थी. घटना 6 जुलाई की है, जब कल्याणडाेंबिवली मनपा के नगरसेवक रमेश म्हात्रे और अन्य लाेग शास्त्री नगर मनपा हाॅस्पिटल पहुंचे.
एक गर्भवती महिला के इलाज में देरी का आराेप लगाते हुए उन्हाेंने डाॅक्टराें के साथ मारपीट की. इस पूरी घटना का वीडियाे साेशल मीडिया पर वायरल हाे गया था.निचली अदालत द्वारा म्हात्रे काे जमानत मिलने पर डाॅक्टराें ने भारी विराेध दर्ज कराया था. इसके बाद बाॅम्बे हाईकाेर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और 18 जुलाई काे निचली अदालत के आदेश पर राेक लगा दी.