रावेत, 20 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
रावेत स्थित म्हस्के बस्ती में मनपा की पानी की टंकी के पास स्थित एक खाली भूखंड पर बिल्डराें द्वारा धड़ल्ले से निर्माण कचरा (मलबा) डंप किया जा रहा है। इस कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार फैल रहा है, जिससे नागरिकाें का सांस लेना दूभर हाे गया है. मनपा के ‘उपद्रव शाेधक दस्ते’ की सुस्ती से नाराज स्थानीय निवासियाें ने प्रशासन से इस अवैध गतिविधि काे राेककर दाेषियाें पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. पिछले कुछ महीनाें से रावेत में बड़े पैमाने पर आवासीय व व्यावसायिक निर्माण कार्य चल रहे हैं. आराेप है कि ठेकेदार रात या तड़के अंधेरे का फायदा उठाकर सीमेंट, ईंटें और मिट्टी का मलबा इस खाली भूखंड पर फेंक रहे हैं.
स्थल पर मलबे के बड़े ढेर लग चुके हैं. दिनभर वाहनाें की आवाजाही और तेज हवा से बारीक धूल उड़कर आसपास की साेसायटियाें में घुस रही है. इससे बुजुर्गाें, महिलाओं और बच्चाें में खांसी, सांस लेने में तकलीफ तथा आंखाें में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. बदतर हवा के कारण लाेग चाैबीसाें घंटे खिड़की-दरवाजे बंद रखने काे मजबूर हैं. अवैध डंपिंग राेकने के लिए बना ‘उपद्रव शाेधक दस्ता’ सब जानकर भी शांत है.
शहर में कहीं भी अवैध रूप से कचरा और निर्माण मलबा फेंकने वालाें के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए नागरिक प्रशासन ने ‘उपद्रव शाेधक दस्ता’ तैनात किया है.
हालांकि, निवासी सवाल उठा रहे हैं कि रावेत में इस प्रमुख स्थान पर राेजाना टन कचरा डंप किए जाने के बावजूद यह दस्ता कार्रवाई करने में क्याें विफल रहा है.
स्थानीय निवासियाें के अनुसार, प्रशासन ने काेई ठाेस कार्रवाई नहीं की गई है. निवासियाें का आराेप है कि मनपा के ढीले और गैर-जिम्मेदाराना कामकाज ने बिल्डराें के हाैसले बुलंद कर दिए हैं.