पिंपरी, 21 सितंबर (आ.प्र.)
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा मुख्यालय में विभिन्न प्रशासनिक कार्याें के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं. लेकिन, इन नागरिकाें काे वाहन पार्क करने के लिए काेई निश्चित स्थान उपलब्ध न हाेने के कारण पार्किंग के लिए आसपास के इलाके में भटकना पड़ रहा है. पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की बिल्डिंग मुंबई-पुणे हाईवे पर पिंपरी में स्थित है.
इसका उद्घाटन 13 मार्च 1987 काे तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के हाथाें हुआ था. उस समय की स्थिति के अनुसार मनपा में वाहनाें की पार्किंग का नियाेजन किया गया था. इसके अनुसार 80 फाेर व्हीलर और 300 से 325 टू-व्हीलर वाहन पार्क करने की व्यवस्था है.
मनपा में वाहन पार्किंग की समस्या पिछले कुछ वर्षाें से गंभीर हाेती जा रही है. अधिकारियाें, जनप्रतिनिधियाें व वीआईपी के वाहनाें के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मनपा की पार्किंग सामान्य नागरिकाें के लिए है या केवल गणमान्य व्यक्तियाें के लिए? दक्ष नागरिक संघ की ओर से मनपा आयुक्त से नागरिकाें के लिए स्वतंत्र और पर्याप्त क्षमता वाली विजिटर पार्किंग उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
मनपा मुख्यालय में संपत्ति कर, जलापूर्ति, निर्माण, नगर रचना, विभिन्न लाइसेंस, शिकायताें और अन्य प्रशासनिक कार्याें के लिए शहर के काेने-काेने से नागरिक आते हैं.
लेकिन, मुख्यालय परिसर में सामान्य नागरिकाें के वाहनाें के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध न हाेने के कारण कई लाेगाें काे कार्यालय से दूर वाहन खड़ा कर पैदल आना पड़ता है. विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकाें, दिव्यांग व्यक्तियाें और महिलाओं काे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मनपा मुख्यालय पुणे-मुंबई हाईवे से सटा हाेने के कारण सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की आशंका बनी रहती है. इसलिए वाहन आखिर लगाएं कहां? यह सवाल नागरिकाें के सामने खड़ा हाे गया है.
दक्ष नागरिक संघ ने मांग की है कि मनपा मुख्यालय की पार्किंग क्षमता की तुरंत समीक्षा कर नागरिकाें हेतु स्वतंत्र विजिटर पार्किंग निर्धारित की जाए. अधिकारियाें, जनप्रतिनिधियाें व गणमान्य व्यक्तियाें के लिए कितनी जगह आरक्षित है, इस बारे में भी प्रशासन स्पष्टता दे. साथ ही मुख्यालय में जगह कम पड़ने पर पास के इलाके में अधिकृत वैकल्पिक पार्किंग स्थल उपलब्ध कराया जाए.
इसके अलावा मनपा और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त निरीक्षण कर इसका स्थायी समाधान निकालें, यह मांग भी की गई है.