पिंपरी, 21 सितंबर (आ.प्र.) पिंपरी-चिंचवड़
क्षेत्र में यातायात जाम काे कम करने और पर्यावरण अनुकूल यात्रा काे बढ़ावा देने के लिए मनपा द्वारा शुरू की गई ‘ईज़ी पेडल’ साइकिल याेजना काे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है. लाखाें रुपये की लागत से निर्मित इस याेजना में शामिल साइकिलाें का उपयाेग सीमित स्तर पर हाे रहा है. इसके चलते परियाेजना का मूल उद्देश्य ही विफल हाे रहा है. अब इसकी याेजना पर सवाल उठ रहे हैं.
इस परियाेजना काे प्राथमिकता के आधार पर पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में शुरू किया गया था. यहां पर एक साइकिल स्टेशन स्थापित किया गया और नागरिकाें काे किराए पर साइकिलें उपलब्ध कराई गईं. हालांकि, यह देखा गया है कि कई नागरिक इस सुविधा का लाभ नहीं उठा रहे हैं, क्याेंकि साइकिल प्राप्त करने के लिए माेबाइल अप्रेडर पंजीकरण, पेटेंट और अन्य प्रक्रिया करनी पड़ती है.
मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक लगभग 3,500 लाेगाें ने इस परियाेजना के लिए पंजीकरण कराया है, हालांकि, राेजाना साइकिल का इस्तेमाल करने वालाें की वास्तविक संख्या लगभग 20 से 30 है. इसलिए, पंजीकरणाें की संख्या और वास्तविक उपयाेग के बीच भारी अंतर है.
इस परियाेजना में 900 अतिरिक्त साइकिलें शामिल हैं, 90 इलेक्ट्रिक साइकिलें हैं. एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण, जीपीएस ट्रैकिंग और परिणाम समय ट्रैकिंग जैसी तकनीकाें का उपयाेग किया गया है. हालांकि, तकनीक उपलब्ध कराने और नागरिकाें के लिए इसका उपयाेग आसान बनाने के बीच एक बड़ा अंतर दिख रहा है.
साइकिल का इस्तेमाल कैसे करें? साइकिल स्टेशन पर उपलब्ध साइकिलें और नागरिकाें द्वारा इस्तेमाल की जा रही साइकिलें नागरिकाें काे दिखाई देती हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि कई नागरिकाें काे इनके इस्तेमाल, पंजीकरण, लाॅक करने और शुल्क भुगतान के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है. स्टेशन पर सूचना बाेर्ड, दिशा-निर्देश और प्रत्यक्ष सहायता उपलब्ध कराने से नागरिकाें की भागीदारी बढ़ सकती है. नागरिकाें काे सीधे मार्गदर्शन करना आवश्यक है.