नई दिल्ली, 21 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
चुनाव आयाेग ने एसआईआर काे लाेकतंत्र खत्म करने का औजार बना दिया है. यह प्रतिपादन साेमवार काे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया. बिहार से दिल्ली तक देश भर में 14 कराेड़ लाेगाें के नाम हटाने पर सत्तापक्ष पर बरसते हुए खड़ग ने कहा-कांग्रेस पहले दिन से ही आयाेग की प्रक्रिया का विराेध कर रही थी.
साेमवार काे खड़गे ने ए्नस पर लिखा कि एसआईआर केवल वाेट चाेरी व लाेकतंत्र काे खत्म करने का औजार ही नहीं है. बल्कि ये एक फ्रेंकेंस्टीन माॅन्स्टर (एक कहानी का किरदार) बन गया है जिसने अब उसी के लाेगाें काे फंसा दिया है. दरअसल दिल्ली में एसआईआर के तहत बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चुनाव आयुक्त एसएस संधू काे चुनाव आयाेग ने नाेटिस जारी किया है. चुनाव अधिकारियाें के मुताबिक, 33.13 लाख मतदाताओं काे एन्यूमरेशन फाॅर्म की जानकारी में गड़बड़ी के कारण नाेटिस भेजे गए हैं.
98 साल के लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका काे 2002 की एसआईआर मतदाता सूची से नाम मैप नहीं हाेने के कारण नाेटिस मिला है. उनके बेटे जयंत की मैपिंग प्रक्रिया पूरी हाे गई है.
चाराें नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्याेकाे जयशंकर, जाे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके में मतदाता हैं, काे भी ‘पिछली एसआईआर से मैप नहीं कारण से नाेटिस मिला है. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश काे भी नाेटिस दिया गया है. उनके मतदाता रिकाॅर्ड में उपराष्ट्रपति आवास का पता दर्ज है. चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू काे उनके नाम में अंतर के कारण नाेटिस मिला है, जबकि उनके बेटे दमनबीर काे माता-पिता के नाम में अंतर के कारण नाेटिस जारी किया गया है. दाेनाें दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं. विदेश सचिव विक्रम मिस्री काे भी पिछली एसआईआर से मैप नहीं कारण से नाेटिस दिया गया है. पूर्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, राज्यसभा सांसद कपिल सिबल और बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल काे भी नाेटिस भेजा गया है.