दस घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान

नागरिकों द्वारा बार-बार आ रही गंभीर समस्या का समाधान करने की मांग

    23-Sep-2026
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Moshi 
चिखली, 22 सितंबर (आ.प्र.)
चिखली, माेशी और आसपास के इलाकाें में ऐन त्याैहार के माैके पर बिजली आपूर्ति खंडित की समस्या फिर से शुरू हाे गई है. पाटिलनगर इलाके में शुक्रवार काे सुबह 11 बजे ठप्प हुई बिजली आपूर्ति रात 9 बजे बहाल हुई. लगातार दस घंटे बिजली न रहने से नागरिकाें काे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 
पिछले दाे दिनाें से लगातार बिजली खंडित हाेने के कारण हाउसिंग साेसायटी के निवासियाें के साथ-साथ वर्क फ्राॅम हाेम (घर से काम) कर रहे आईटी कर्मचारियाें काे बड़ी परेशानी हाे रही है. बिजली चले जाने के बाद साेसायटियाें में पानी की माेटरें बंद हाे जाती हैं.
 
इससे जलापूर्ति प्रभावित हाेती है और निवासियाें काे पानी के टैंकराें पर निर्भर रहना पड़ता है. लिफ्ट बंद रहने के कारण बुजुर्गाें, महिलाओं और छाेटे बच्चाें काे असुविधा हाेती है. कुछ साेसायटियाें में बिजली आपूर्ति चालू रखने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे साेसायटियाें के रखरखाव (मेंटेनेंस) खर्च में भी बढ़ाेतरी हाे रही है. पाटिलनगर इलाके की साेसायटियाें के नागरिकाें ने शिकायत की है कि उन्हें बार-बार बिजली खंडित की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
 
बिजली कटने के बाद साेसायटियाें काे लिफ्ट, पानी की माेटरें और अन्य आवश्यक सुविधाएं चालू रखने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ता है. इस वजह से डीजल पर हर महीने हजाराें रुपये का खर्च हाे रहा है. नियमित बिजली बिलाें के साथ यह अतिरिक्त आर्थिक बाेझ साेसायटियाें पर पड़ रहा है. नागरिकाें का कहना है कि पुरानी बिजली की लाइनें, बढ़ता बिजली का भार, ट्रांसफाॅर्मर पर अतिरिक्त दबाव और मानसून के दाैरान भूमिगत केबल में खराबी जैसी घटनाओं के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हाे रही है. काेई खराबी आने के बाद उसे ठीक करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लग जाता है, जिससे यह समस्या और अधिक गंभीर हाेती जा रही है.