पिंपरी, 22 सितंबर (आ.प्र.)
मनपा ने इंद्रायणी नदी सुधार परियाेजना की शुरुआत की है. इस परियाेजना के लिए अभी तक भूमि का कब्जा मनपा काे नहीं मिला है, फिर भी 430 कराेड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई. भूमि अधिग्रहण न हाेने के बावजूद काम के आदेश (वर्क ऑर्डर) भी दे दिए गए. इस मामले के तूल पकड़ने और शाेर-शराबा हाेने के बाद, अब प्रशासन ने भूमि का कब्जा लेने के लिए हलचल शुरू कर दी है. इस गंभीर लापरवाही के कारण अधिकारियाें और सलाहकाराें की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हाे गया है.
मनपा की सीमा से बहने वाले कुल 18.50 किमी के हिस्से के लिए यह इंद्रायणी नदी सुधार परियाेजना लागू की जानी है. इसके लिए 1 जुलाई काे स्थायी समिति द्वारा 430 कराेड़ 75 लाख रुपये के खर्च काे मंजूरी दी गई थी. आषाढ़ी एकादशी की वारी के अवसर पर भूमि- पूजन करने की जल्दबाजी में यह मंजूरी दी गई. हालांकि, भारी बारिश के कारण उस समय यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. इसके बाद, टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत जल्दबाजी में काम के आदेश जारी कर दिए गए, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस परियाेजना के लिए कई स्थानाें पर आवश्यक भूमि अब तक मनपा के कब्जे में नहीं आई है.
यह परियाेजना केंद्र सरकार के ‘अमृत 2.0’ मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही है. इसके लिए सभी प्रकार के नियमाें का पालन करना मनपा के लिए अनिवार्य है. परियाेजना काे तकनीकी स्वीकृति देते समय, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की शर्ताें के अनुसार इसे दाे वर्षाें में पूरा करने की शर्त रखी है. प्रत्यक्ष कार्य शुरू हाेने के बाद राज्य सरकार मनपा काे तीन चरणाें में, 20%, 40% और 40% फंड जारी करेगी. नियमाें का उल्लंघन हाेने पर सरकार द्वारा यह फंड राेका जा सकता है. यह बात जानने के बावजूद, अधिकारियाें और सलाहकाराें ने आयुक्त काे धाेखे में रखकर यह टेंडर प्रक्रिया पूरी करवाई.
बिना भूमि अधिग्रहण के काम के आदेश देने के कारण मनपा संकट में पड़ गई है. इसलिए अब नदी सुधार के लिए जमीन का कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है. इसके अंतर्गत नदी से लगे गांवाें की भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए कले्नटर जीतेंद्र डूडी के पास भेजा जाएगा.
मनपा सीमा के अंतर्गत इंद्रायणी नदी के एक तट का विकास मनपा द्वारा किया जाना है, जबकि दूसरा तट पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) द्वारा विकसित किया जाएगा. मनपा सीमा में नदी सुधार परियाेजना के लिए माैजे तलवड़े, चिखली, बाेर्हाड़ेवाड़ी, माेशी, डुडुलगांव और चर्हाेली बुद्रुक क्षेत्र के नदी किनारे की भूमि का कब्जा आवश्यक है. इसके लिए स्वीकृत विकास याेजना के बाहरी प्रस्ताव और नदी किनारे की स्वीकृत विकास याेजना में आने वाले सभी आरक्षणाें के साथ भूमि अधिग्रहण करने और उस पर हाेने वाले प्रत्यक्ष खर्च काे मंजूरी देने का प्रस्ताव बुधवार (23 सितंबर) काे स्थायी समिति के समक्ष रखा गया है.
स्थायी समिति की मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव कले्नटर डूडी काे प्रस्तुत करने के लिए मनपा सभा की मंजूरी लेनी हाेगी.