मुंबई, 22 सितंबर (वि.प्र.)
बाॅम्बे हाई काेर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरसी चव्हाण ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति से इस्तीफा दे दिया है. राज्य सरकार ने साेमवार काे उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. सात सदस्यीय इस समिति का गठन जुलाई में सुप्रीम काेर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में किया गया था, जिसे छह महीने के भीतर अपनी रिपाेर्ट देनी थी. न्यायमूर्ति चव्हाण ने समिति की दूसरी बैठक के बाद 19 सितंबर काे ही अपना इस्तीफा भेज दिया था. उन्हाेंने अपने इस्तीफे में समिति के कामकाज के तरीके, सार्वजनिक प्रतिक्रिया प्रक्रिया की सीमाओं और बाहरी अधिकारी की भागीदारी पर गंभीर असहमति व्यक्त की.
इसके अलावा, न्यायमूर्ति चव्हाण ने उत्तराखंड के पूर्व नाैकरशाह शत्रुघ्न सिंह की समिति की बैठकाें में माैजूदगी और वेबसाइट में संशाेधन से जुड़े हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाए्. उन्हाेंने कहा कि समिति में सिंह की अस्पष्ट भूमिका से ऐसा प्रतीत हाेता है कि राज्य के बाहर के अधिकारी काे लाया गया है. उन्हाेंने अंत में लिखा कि उनके हटने से सरकार किसी अन्य याेग्य व्यक्ति काे नियुक्त कर सकेगी और वह खुद एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे.