टाटा की विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी : शरद पवार

कहा- इस ग्रुप का केवल महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान

    23-Sep-2026
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TATA 
मुंबई, 22 सितंबर (आ.प्र.)
वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा है कि टाटा समूह केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास और सामाजिक जीवन से जुड़ा हुआ है. इसलिए उसके संस्थागत स्वरूप, मूल्याधारित परंपरा और पराेपकारी विरासत काे सुरक्षित रखना समय की आवश्यकता है. साेशल मीडिया पर जारी अपनी पाेस्ट में उन्हाेंने कहा कि टाटा समूह के नेतृत्व संबंधी निर्णय लेते समय संस्थागत प्रक्रियाओं और टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका का सम्मान हाेना चाहिए.
 
शरद पवार ने आगे कहा कि जमशेदजी टाटा, सर दाेराबजी टाटा और सर रतन टाटा ने उद्याेग काे समाजसेवा की दिशा देने का कार्य किया. उनकी साेच थी कि उद्याेग से अर्जित संपत्ति का उपयाेग समाज के कल्याण के लिए हाे. इसी उद्देश्य से टाटा सन्स की बहुसंख्यक हिस्सेदारी ट्रस्टाें काे साैंपी गई. वर्तमान में सर रतन टाटा ट्रस्ट, सर दाेराबजी टाटा ट्रस्ट और उनसे संबद्ध ट्रस्टाें के पास टाटा सन्स के लगभग 66 प्रतिशत शेयर हैं.
 
इस व्यवस्था के कारण समूह से मिलने वाला लाभांश स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और ग्रामीण आजीविका जैसे क्षेत्राें में खर्च किया जाता है.उन्हाेंने कहा कि इस गाैरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु महाराष्ट्र है. यहां पर मुंबई स्थित टाटा मेमाेरियल हाॅस्पिटल, टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान और नेशनल सेंटर फाॅर द परफाॅर्मिंग आर्ट्स जैसी राष्ट्रीय महत्व की संस्थाएं टाटा ट्रस्ट्स की देन हैं- ट्रस्टाें की भूमिका कमजाेर हाेने का असर इन संस्थाओं पर भी पड़ सकता है.शरद पवार ने 17 सितंबर 2026 काे टाटा सन्स के निदेशक मंडल द्वारा एन. चंद्रशेखरन काे फरवरी 2027 से अगले पांच वर्षाें के लिए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के निर्णय का उल्लेख किया. यह फैसला 4-1 मताें से लिया गया. साथ ही कंपनी काे शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की दिशा में कदम बढ़ाने काे भी मंजूरी दी गई्. टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नाेएल टाटा ने दाेनाें प्रस्तावाें का विराेध किया, जबकि ट्रस्ट के दूसरे नामित निदेशक वेणु श्रीनिवासन ने समर्थन किया.