पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही सुनवाई का उल्लेख, दिल्ली स्थित उनके आवास से नोटों के बंडल मिले थे

    24-Sep-2026
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Justice
नई दिल्ली, 23 सितंबर (वि.प्र.)
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आवास से नकदी बरामदगी मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली एक नई याचिका काे बुधवार काे सर्वाेच्च न्यायालय के समक्ष शीघ्र सूचीबद्ध करने के लिए उल्लेखित किया गया.
 
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जाॅयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. माेहना की पीठ के समक्ष अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा ने मामला उठाया. उन्हाेंने आराेप लगाया कि शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री मामले काे सूचीबद्ध करने से इनकार कर रही है. एक अन्य याचिकाकर्ता ने कहा कि लाेकसभा जाँच समिति ने न्यायाधीश वर्मा के खिलाफ आराेपाें काे सही पाया है, इसलिए एफआई आर दर्ज करने में काेई बाधा नहीं हाेनी चाहिए और कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए. इससे पहले 21 सितंबर काे दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायाधीश वर्मा के खिलाफ एसआईटी या सीबीआई जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था.
 
अगस्त में भी सुप्रीम काेर्ट की एक अन्य पीठ ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका काे खारिज कर दिया था. यह विवाद 14 मार्च 2025 की रात लुटियंस दिल्ली स्थित तत्कालीन दिल्ली हाईकाेर्ट के न्यायाधीश वर्मा के आवास पर आग लगने के बाद भारी मात्रा में नकदी मिलने से शुरू हुआ था., नई दिल्ली