पिंपरी, 23 सितंबर (आ.प्र.)
ऑनलाइन निवेश, डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग सहित विभिन्न प्रलाेभनाें के माध्यम से हाेने वाली साइबर धाेखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसके अलावा, अब पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर धाेखाधड़ी की शिकायताें में ‘ई-जीराे एफआईआर’ के कारण मामले दर्ज हाेने की दर भी बढ़ गई है. हालांकि, पिंपरीचिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की साइबर और आर्थिक अपराध शाखा के लिए नियत स्वतंत्र पुलिस उपायुक्त का पदभार वर्तमान में ज़ाेन-4 के पास है. इस वजह से इन दाेनाें महत्वपूर्ण शाखाओं की अतिरिक्त जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच के उपायुक्त पर आ गई है.
बढ़ते कामकाज काे ध्यान में रखते हुए, ज़ाेन-4 के लिए एक स्वतंत्र पुलिस उपायुक्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पुलिस आयुक्तालय द्वारा सरकार काे भेजा गया है. पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय का विस्तार हाेने के बाद चार ज़ाेन गठित किए गए हैं. पांच लाख रुपये से अधिक राशि के साइबर धाेखाधड़ी के मामलाें में ‘ई-जीराे एफआईआर’ की कार्रवाई के कारण शिकायतें तेजी से आपराधिक मामलाें में बदल रही हैं. संबंधित मामले स्थानीय पुलिस स्टेशनाें काे स्थानांतरित किए जाने से वहां भी साइबर अपराधाें की जांच का बाेझ बढ़ रहा है.
धाेखाधड़ी की राशि काे समय पर ‘हाेल्ड’ करना, बैंक खाताें की कड़ियां जाेड़ना, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की सीमा में वर्ष 2025 में साइबर धाेखाधड़ी के 269 मामले दर्ज किए गए थे. इनमें से 52 मामले साइबर पुलिस स्टेशन में, जबकि 217 मामले स्थानीय पुलिस स्टेशनाें में दर्ज हुए. वहीं, 1 जनवरी से अब तक नाै महीनाें में 83% यानि 224 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें से 40 साइबर स्टेशनाें में, जबकि 184 मामले स्थानीय पुलिस स्टेशनाें में दर्ज किए गए हैं. ज़ाेन-4 के लिए स्वतंत्र पुलिस उपायुक्त और आवश्यक मैनपाॅवर उपलब्ध कराने के लिए पुलिस आयुक्तालय द्वारा सरकार काे प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है. एक स्वतंत्र अधिकारी मिलने के बाद साइबर और आर्थिक अपराध शाखा के कामकाज की स्वतंत्र निगरानी पुनः संभव हाे सकेगी.