पिंपरी, 23 सितंबर (आ.प्र.)
गणेशाेत्सव में ध्वनि प्रदूषण के नियमाें काे ताक पर रखकर डीजे का शाेर मचाने वाले गणेश मंडलाें पर पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है. 23 सितंबर तक पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की सीमा में कुल 50 गणेश मंडलाें पर मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 40 मामलाें में पुलिस ने डीजे का सामान जब्त किया है. इससे ‘मामला दर्ज हाेने पर भी कुछ नहीं हाेता’ वाली मानसिकता काे करारा झटका लगा है. डीजे की कुछ घंटाें की आवाज मामला दर्ज हाेने के बाद हमेशा के लिए परेशानी का सबब बन सकती है.
मंडलाें के पदाधिकारियाें के कॅरियर में भी ये मामले बाधा बन सकते हैं. गणेशाेत्सव शुरू हाेने से पहले ही पुलिस ने शहर के गणेश मंडलाें के पदाधिकारियाें की एक संयुक्त बैठक ली थी. इस बैठक में डीजे और लेजर लाइट के इस्तेमाल से बचने की स्पष्ट अपील की गई थी. पुलिस स्टेशन स्तर पर बैठकें लेकर भी मंडलाें काे नियमाें की जानकारी दी गई. पुलिस उपायुक्त ने भी मंडलाें के पदाधिकारियाें काे मार्गदर्शन दिया. त्याैहार मनाते समय आम नागरिकाें काे काेई परेशानी न हाे, इसका ध्यान रखने की अपील की गई थी. हालांकि, पुलिस के बार-बार दिए गए निर्देशाें काे कुछ मंडलाें ने नजरअंदाज कर दिया. दहीहांडी के समय से ही पुलिस ने डीजे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी. उस समय वाकड़ इलाके के 23 मंडलाें पर कार्रवाई की गई थी. इसके बाद सांगवी, शिरगांव और तलेगांव दाभाड़े इलाकाें के मंडलाें पर भी मामले दर्ज किए गए. इसके बावजूद गणेशाेत्सव में कई जगहाें पर डीजे का शाेर जारी रहा. इसलिए पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई काे सिर्फ मामला दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा है. डीजे का सामान जब्त करना शुरू कर दिया है. 50 मामलाें में से 40 मामलाें में सामान जब्त किए जाने से डीजे व्यवसायियाें में भी हड़कंप मच गया है. मंडलाें के पदाधिकारियाें में भी कार्रवाई का डर पैदा हाे गया है. वाकड़ पुलिस स्टेशन की सीमा में 23 मंडलाें पर मामले दर्ज किए गए हैं. सबसे ज्यादा कार्रवाई वाकड़ पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में हुई है.
वाकड़ के इन मंडलाें पर हुई कार्रवाई अष्टविनायक मित्र मंडल, नवनाथ मित्र मंडल, ओमसाईं प्रतिष्ठान, जनता युवा प्रतिष्ठान, अखिल म्हाताेबा मित्र मंडल, मंगलनगरचा राजा मित्र मंडल, न्यू सद्गुरु मित्र मंडल, सम्राट मित्र मंडल, नवज्याेत मित्र मंडल, सम्यक कर्म ट्रस्ट, जय भवानी मित्र मंडल, सुदर्शन तालीम मित्र मंडल, विघ्नहर्ता मित्र मंडल, श्री सिद्धिविनायक प्रतिष्ठान, श्री गणेश प्रतिष्ठान, शंभूराजे प्रतिष्ठान, छत्रपति प्रतिष्ठान, श्री आदर्श मित्र मंडल, न्यू सुदर्शन मित्र मंडल और माेरया तरुण मित्र मंडल के साथ-साथ अन्य मंडल इसमें शामिल हैं. वाकड़ पुलिस ने कावेरीनगर पुलिस काॅलाेनी के मंडल काे भी कार्रवाई से नहीं बख्शा. नियमाें का उल्लंघन करने के आराेप में इस मंडल पर भी मामला दर्ज किया गया है. इससे पुलिस की कार्रवाई काे लेकर मंडलाें में एक स्पष्ट संदेश गया है.
मंडल पर मामला दर्ज हाेने के बाद उसका असर संबंधित मंडल के पदाधिकारियाें पर भी पड़ सकता है. मंडल के अध्यक्ष, पदाधिकारी और जिम्मेदार व्यक्तियाें के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ ‘मंडल का कार्यक्रम’ मानकर डीजे के इस्तेमाल काे नजरअंदाज करना पदाधिकारियाें काे महंगा पड़ सकता है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में भी ध्वनि प्रदूषण के नियमाें का उल्लंघन करने वाले मंडलाें पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, इसलिए त्याेहार मनाते समय नियमाें का पालन करने की जिम्मेदारी अब मंडलाें के पदाधिकारियाें पर भी आ गई है.