पुणे, 23 सितंबर (आ.प्र.)
पुणे मनपा के विकास कार्याें में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत कार्य प्रबंधन प्रणाली (आईडब्ल्यूएमएस) का अनिवार्य रूप से उपयाेग किया जाए. इस प्रणाली में कार्य का पंजीकरण और स्वतंत्र प्राेजेक्ट नंबर तैयार हाेने से पहले किसी भी कार्य की निविदा जारी न की जाए तथा कार्यादेश भी न दिया जाए.
यह मांग विपक्ष के नेता नीलेश निकम ने मनपा आयुक्त काे भेजे गए पत्र में की है. निकम ने कहा है कि मनपा द्वारा सड़क, पुल, जलापूर्ति, मल-निकासी, भवन निर्माण और यातायात सुधार जैसे विकास कार्याें पर हर वर्ष कराेड़ाें रुपये खर्च किए जाते हैं. इसके बावजूद प्रभावी निगरानी के अभाव में कई परियाेजनाएं विलंबित हाेती हैं, कार्याें की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं, लागत बढ़ती है और बार-बार समय-सीमा बढ़ानी पड़ती है.
उन्हाेंने आराेप लगाया कि मनपा में आईडब्ल्यूएमएस प्रणाली उपलब्ध हाेने के बावजूद कई विभाग इसका पूर्ण क्षमता से उपयाेग नहीं कर रहे हैं.
इसलिए कागजी प्रक्रिया के माध्यम से कार्य स्वीकृत करने की व्यवस्था बंद कर सभी विकास कार्याें का पंजीकरण इस प्रणाली में अनिवार्य किया जाए. निकम ने मांग की कि कार्यस्थल की दैनिक तस्वीरें और वीडियाे अक्षांश-देशांतर (जियाेलाेकेशन) विवरण के साथ प्रणाली पर अपलाेड करना अनिवार्य किया जाए.
साथ ही डिजिटल मापन पुस्तिका में दर्ज जानकारी के बिना ठेकेदाराें के अंतरिम अथवा अंतिम भुगतान काे मंजूरी न दी जाए्. उन्हाेंने कहा कि कार्य शुरू हाेने से लेकर पूर्ण हाेने तक उसकी भाैतिक और वित्तीय प्रगति का नियमित रिकाॅर्ड रखा जाए्.
यदि किसी परियाेजना में देरी हाेती है ताे उसका कारण भी प्रणाली में दर्ज किया जाए्. विलंबित कार्याें के लिए स्वचालित चेतावनी और ‘रेड अलर्ट’ प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है.