लॉ कॉलेजों के रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल !

बीसीआई के पास कानूनी शिक्षा को नियंत्रित करने का अधिकार है या नहीं?

    24-Sep-2026
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SupremeCourt
नई दिल्ली, 23 सितंबर (वि.प्र.)
सुप्रीम काेर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा देश भर के लाॅ काॅलेजाें और विश्वविद्यालयाें काे नियंत्रित तथा संचालित करने की शक्तियाें की समीक्षा करने का निर्णय लिया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जाॅयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. माेहना की पीठ ने इउखझएठङ ऋखठडढ ट्रस्ट के कामकाज और उसके द्वारा लाॅ काॅलेजाें की स्थापना काे चुनाैती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बीसीआई काे नाेटिस जारी कर जवाब मांगा है.
 
मुख्य न्यायाधीश ने माैखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि बीसीआई कानूनी शिक्षा काे नियंत्रित करने वाली विशेषज्ञ संस्था कैसे हाे सकती है? अदालत ने कहा कि शिक्षाशास्त्रियाें और कानून के विद्वानाें के पास अकादमिक मामलाें की बेहतर समझ हाेती है. बीसीआई पाठ्यक्रम की अवधि (4 या 5 वर्ष) जैसे सामान्य दिशा-निर्देश ताे तय कर सकती है, लेकिन पूरे कानूनी शिक्षा ढांचे पर सीधा नियंत्रण नहीं रख सकती. याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने तर्क दिया कि बीसीआई 2016 के एक प्रस्ताव के जरिए नया ट्रस्ट बनाकर खुद लाॅ काॅलेज स्थापित कर रही है.