श्री वक्रतुंड रथ से निकलेगी ‌‘दगडूसेठ गणपति‌’ की विसर्जन यात्रा

वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर झांकी की तर्ज पर रथ की रचना; इस वर्ष भी दोपहर 4 बजे बेलबाग चौक से होंगे शामिल

    24-Sep-2026
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बुधवार पेठ, 23 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के तत्वावधान में उत्सव के 134वें वर्ष के अवसर पर आयोजित गणेशोत्सव की समापन विसर्जन यात्रा अनंत चतुर्दशी को शुक्रवार, 25 सितंबर को धूमधाम से निकलेगी. इस वर्ष ‌‘श्री वक्रतुंड रथ‌’ में दगडूसेठ के गणपति बप्पा विराजमान होंगे. यह रथ आकर्षक विद्युत रोशनी से जगमगाएगा. यह जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने दी. उन्होंने बताया लगातार चौथे वर्ष श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति दोपहर 4 बजे बेलबाग चौक से विसर्जन यात्रा में शामिल होंगे. इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान बनाई गई ‌‘वृंदावन के प्रेम मंदिर‌’ की झांकी की तर्ज पर ही इस विसर्जन शोभा यात्रा के रथ का निर्माण किया गया है. मंदिर वास्तुकला से प्रेरित होकर इस रथ को तैयार किया गया है. रथ की संकल्पना भारतीय मंदिर वास्तुकला पर आधारित है, जिसमें पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक फैब्रिकेशन का सुंदर संगम देखने को मिलेगा.सुनील रासने ने कहा यात्रा में जय गणेश नशा मुक्त भारत अभियान का जन-जागरूकता फैलाने वाला ‌‘मानवसेवा रथ‌’ सबसे आगे रहेगा. इसमें विनायक और रोहन देवलकर का चौघड़ा तथा प्रमोद गायकवाड़ का शहनाई वादन भी होगा. उनके पीछे ‌‘स्वरूपवर्धिनी‌’ का दल, प्रभात बैंड, दरबार बैंड और केरल का ‌‘चेंदा मेलम‌’ (ढोल) दल शामिल होगा. इसके साथ ही, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष गणेश भक्त भी इस जुलूस में भाग लेंगे.  
 
रथ का मुख्य आकर्षण रहेंगे उसके नक्काशीदार स्तंभ

 इस रथ पर कुल 8 स्तंभ हैं, जिनमें से चार स्तंभों पर भगवान विष्णु और भगवान कुबेर की प्रतिमाएं बनाई गई हैं. रथ के ऊपरी हिस्से में शिखर, गुंबद और जालीदार नक्काशी भी की गई है. रथ का आकार 15 बाय 15 फीट है और इसकी ऊंचाई 21 फीट है. इसके अलावा रथ पर आकर्षक झूमर, एलईडी और पार लाइट के फोकस लगाए जाएंगे.