नवी पेठ, 24 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
मैराथन एक अच्छा उत्सव है और परिवार को एक साथ लाने का माध्यम भी है. इससे परिवार को एक बड़ा मंच मिलेगा. इसलिए परिवार के साथ पत्रकारों को भी इसमें सहभागी होना चाहिए, यह अपील महापौर मंजुषा नागपुरे ने की. पुणे श्रमिक पत्रकार संघ की ओर से तथा पुणे जिला हौशी एथलेटिक्स संघ के सहयोग से आयोजित पुणे रन मैराथन के लोगो और पंजीकरण पोर्टल के अनावरण समारोह में वे बोल रही थीं. इस अवसर पर मनपा आयुक्त नवल किशोर राम, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले, विपक्ष के नेता निलेश निकम, गुटनेता काका चव्हाण, गुटनेता नितीन गावडे, पत्रकार संघ के अध्यक्ष उमेश शेळके, पुणे पत्रकार प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजेंद्र पाटिल और महासचिव हीरा सरवदे उपस्थित थे. इस दौरान शिवछत्रपति पुरस्कार विजेता सुमंत वाईकर का सम्मान किया गया. महापौर मंजुषा नागपुरे ने कहा कि समाजहित के कार्यों का विरोध कौन कर रहा है, यह पहचानना जरूरी है. इसके कारण कई बार कार्यों में देरी होती है. उन्होंने कहा कि काम से संबंधित जो रील्स हमें मिलती हैं, उनके माध्यम से भी हमसे काम करवाए जाते हैं. पत्रकारों से हमें दृष्टिकोण मिलता है और काम करते समय पत्रकारों की हमेशा मदद मिलती है. श्रमिक शब्द श्रम से बना है और श्रम की पूजा होती है. आयुक्त नवल किशोर राम ने कहा कि आचार संहिता को लेकर भय कम करने की जरूरत है. इससे काम ठप नहीं होंगे. श्रमिक महत्वपूर्ण और बड़ा घटक है. पुणे श्रमिक पत्रकार संघ का कार्य ऐतिहासिक है. पुणे के लिए स्वस्थ दौड़ जरूरी है और मैराथन को उपयुक्त नाम दिया गया है. वर्तमान समय में पुणे को इसकी जरूरत है. नियोजन और प्रगति में अंतर होता है. पुणे के नागरिक जागरूक हुए हैं, यह अच्छी बात है. शहर में सुधार के लिए पुणेकरों को सकारात्मक भूमिका निभाने की जरूरत है. नागरिकों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का हमारा प्रयास रहेगा. पत्रकारिता की नीति बदलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि लोकतंत्र को जीवित रखने का काम पत्रकारों ने ही किया है. कार्यक्रम का संचालन उद्धव धुमाले ने किया. प्रस्तावना उमेश शेलके ने रखी, जबकि आभार हीरा सरवदे ने माना.