पुणे, 24 सितंबर (आ.प्र.)
भारत को पहली बार साइकिलिंग जगत की प्रतिष्ठित यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप 2032 की मेजबानी का अधिकार मिला है और इस वैेिशक स्पर्धा का आयोजन पुणे में किया जाएगा. इसे महाराष्ट्र और देश के खेल इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. महाराष्ट्र सरकार, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) और भारत सरकार के सहयोग से यह सफल दावेदारी पेश की गई थी. कनाडा के मॉन्ट्रियल में आयोजित यूसीआई कांग्रेस में इस निर्णय की घोषणा की गई्. पुणे की दावेदारी के समर्थन में महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मॉन्ट्रियल में मौजूद थे. प्रतिनिधिमंडल में खेल विभाग के प्रधान सचिव रणजीतसिंह देओल, खेल आयुक्त दीपक सिंगला, पुणे के जिलाधिकारी जीतेंद्र डूडी, उपमुख्यमंत्री के सचिव राजेश देशमुख, सीएफआई के महासचिव मनिंदर पाल सिंह तथा एशियन साइकिलिंग कॉन्फेडरेशन के पूर्व महासचिव ओंकार सिंह शामिल थे. दावेदारी का मुख्य उद्देश्य पुणे को वैेिशक साइकिलिंग केंद्र के रूप में विकसित करना और भारत में साइकिलिंग की दीर्घकालिक विरासत तैयार करना था. अंतिम चरण में पुणे और नीदरलैंड्स के ग्रोनिंगेन-ड्रेंथे के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें पुणे ने बाजी मार ली. जिलाधिकारी जीतेंद्र डूडी और मनिंदर पाल सिंह ने शहर की तैयारियों, क्षमता और 2032 तक की दीर्घकालिक योजना को यूसीआई के समक्ष प्रस्तुत किया. यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग कैलेंडर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है. दुनिया के शीर्ष साइकिलिस्ट प्रतिष्ठित ङ्गरेनबो जर्सीफ जीतने के लिए इसमें हिस्सा लेते ह्ैं. पुणे की सफल दावेदारी के पीछे बजाज पुणे ग्रैंड टूर का अनुभव अहम माना जा रहा है. यूसीआई के प्रतिनिधियों ने उमेदवारी प्रक्रिया के दौरान पुणे का विस्तृत दौरा कर रेस मार्गों और आयोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया था. प्रस्ताव के अनुसार 2032 तक पुणे को ग्रैंड टूर आयोजन का छह वर्षों का अनुभव प्राप्त होगा. यूसीआई के अध्यक्ष डेविड लापार्तिएंत ने कहा कि जिलाधिकारी जीतेंद्र डूडी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजाज पुणे ग्रैंड टूर की रिपोर्ट बेहद उत्साहजनक रही है. वहीं जिलाधिकारी डूडी ने कहा कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता की मेजबानी नहीं, बल्कि पुणे और भारत को अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग के सबसे बड़े मंच पर स्थापित करने का अवसर है. इससे खेल, पर्यटन, वैेिशक प्रसारण, आर्थिक गतिविधियों और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग को बड़ा लाभ मिलेगा तथा पुणे की पहचान एक वैेिशक शहर के रूप में और मजबूत होगी. प्रतिष्ठित मेजबानों की सूची में शामिल हुआ पुणे पुणे की मेजबानी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों और शहरों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने इस प्रतिष्ठित स्पर्धा का आयोजन किया है. हाल के वर्षों में यह प्रतियोगिता वोलॉन्गॉन्ग (ऑस्ट्रेलिया), ग्लासगो (स्कॉटलैंड), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड), किगाली (रवांडा) और मॉन्ट्रियल (कनाडा) में आयोजित हुई है. आगामी संस्करण फ्रांस (2027), यूएई (2028), डेनमार्क (2029), बेल्जियम (2030) और इटली (2031)में होंगे, जिसके बाद वर्ष 2032 में दुनिया की नजरें पुणे पर टिकी होंगी.