बुधवार पेठ, 24 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) दगडूसेठ गणपति के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए फूल, हार, नारियल और दूर्वा जैसे निर्माल्य (पवित्र सामग्री) से पूरे उत्सव के दौरान 2 टन खाद तैयार की जाती है. ‘रोटरी क्लब ऑफ युवा पुणे’ के सहयोग से यह पहल पिछले 9 वर्षों से निरंतर जारी है. किसानों और आम लोगों को यह खाद मुफ्त में बांटी जाती है. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के तत्वावधान में 134वें वर्ष का गणेशोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. उत्सव के दौरान एकत्रित होने वाले ‘निर्माल्य’ (पूजा-पाठ में प्रयुक्त फूल, पत्तियां व सामग्री) को डीपी रोड स्थित नवसह्याद्रि क्रीड़ा परिसर के पास बने निर्माल्य शेडिंग प्रोजेक्ट में ले जाया जाता है. वहां निर्माल्य को पीसकर उसका पाउडर बनाया जाता है और उससे जैविक खाद तैयार की जाती है. यह खाद अन्नदाता किसानों के साथसाथ आम नागरिकों को भी मुरत प्रदान की जाती है. गणेशोत्सव भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का त्यौहार है. इस त्यौहार में हर साल बड़ी मात्रा में निर्माल्य (पूजा के बाद चढ़े हुए फूल-पत्ते) इकट्ठा होता है. इस निर्माल्य से खाद बनाकर इसे एक नया सार्थक रूप देने का काम ‘दगडूशेठ गणपति ट्रस्ट’ और ‘रोटरी क्लब ऑफ युवा पुणे’ द्वारा किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने और कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी के साथ-साथ क्लब की अध्यक्ष शलाका पाटसकर, सचिव ेशेता उंडे और प्रोजेक्ट समन्वयक मनोज धारप के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है.
रोजाना लगभग 12 से 15 बोरे निर्माल्य जमा होता है परियोजना समन्वयक मनोज धारप ने बताया, हर दिन लगभग 400 किलोग्राम निर्माल्य से लगभग 150 किलोग्राम खाद बनाई जाती है. गणेशोत्सव के दौरान क्लब के पास एक टेम्पो आता है, जिससे वे हमें प्रतिदिन लगभग 12 से 15 बोरे (यानी लगभग 400 किलो) निर्माल्य देते हैं. इससे लगभग 300 से 400 किलोग्राम खाद तैयार होती है, जिसे जशरतमंद किसानों और सोसायटियों को दे दिया जाता है.