वाराणसी, 27 सितंबर (वि.प्र.)
जाे सिस्टम हमें सही शिक्षा नहीं दे सकता है, उसे बदलना जरूरी है. यह प्रतिपादन छात्र संगठन आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बाेरा ने किया.
उन्हाेंने बीएचयू कैंपस में रविवार काे ‘जेन-जेड चाैपाल’ में युवाओं से कई मुद्दाें पर संवाद करते हुए कहा. बाेरा ने कहाजंतर-मंतर पर धरना, वाराणसी के दालमंडी में ताेड़फाेड़ के मुद्दे पर भी छात्राें से की बात करते हुए सरकार पर सियासी तंज भी कसा.
इस दाैरान पिछले दिनाें जंतर-मंतर पेपर लीक प्रकरण में हुए धरने से लेकर बनारस में दालमंडी में चले बुलडाेजर का मुद्दा छाया रहा. नेहा ने चाैपाल में कहा कि जिस तरह से शैक्षणिक संस्थानाें में एक विशेष संगठन, सत्ता के लाेग दखल दे रहे हैं, उससे अब युवा त्रस्त हाे गए हैं.
अब समय आ गया है जब सरकार काे समाज, शैक्षणिक संस्थान से युवा बेदखल करेंगे. विवि परिसर में संगीत एवं मंच-कला संकाय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में आयाेजित चाैपाल में नेहा बाेरा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के छात्राें और युवा पीढ़ी के साथ माैजूदा सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक सवालाें पर संवाद स्थापित करना है. नेहा ने जेन-जेड के सवालाें का जवाब देने के साथ ही उनके भविष्य काे लेकर बातचीत की. इसके अलावा आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ हुए रेप का मुद्दा भी उठाया. चाैपाल में नेहा ने शहर में पिछले दिनाें हुई बुलडाेजर की ताेड़फाेड़, रेहड़ी-पटरी व्यवसायी और मीट बिक्री प्रतिबंध पर भी बात की.