नई दिल्ली, 27 सितंबर (वि.प्र.)
दुनिया पर कर्ज का बाेझ बढ़कर 365 ट्रिलियन डाॅलर के पार गया है.विश्व के ज्यादातर देश अपने इन्कम की भारी-भरकम रकम ब्याज के रुप में देने काे मजबूर है.
फाइनेंशियल कमेंट्री पब्लिकेशन की रिपाेर्ट में दवा किया गया है की 2026 की पहली छमाही में कर्ज लेने में 10 ट्रिलियन डाॅलर का उछाल आया. सरकाराें की मनमानी कर्ज लेने की आदत, कंपनियाें प्रावे्नट में निवेश, बढ़ते इंफ्रास्ट्नचर, बजट के बाहर जाकर ‘बजट’ बनाने के चलते लाेन का बाेझ तेजी से बढ़ रहा! दुनिया कर्ज तले दबती जा रही है और ग्लाेबल ऋण अब 365 ट्रिलियन डाॅलर तक पहुंच गया है. फाइनेंशिय कमेंट्री पब्लिकेशन ‘द काेबेसी लेटर’ ने इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस (खखऋ) के लेटेस्ट डेटा का हवाला देते हुए ग्लाेबल कर्ज के बाेझ काे उजागर किया है. 2026 की पहली छमाही में इस रिकाॅर्ड लेवल तक पहुंचे कर्ज में, सिर्फ छह महीनाें में ही 10 ट्रिलियन डाॅलर से अधिक का उछाल आया है.