सहकारिता से सभी वर्गों की प्रगति संभव : माधुरी मिसाल

लोकमान्य मल्टिपर्पज को-ऑप सोसायटी के घोले रोड शाखा के स्थानांतरण कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने कहा

    28-Sep-2026
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पुणे, 27 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
सहकारिता के माध्यम से समृद्धि और सामाजिक प्रतिबद्धता का दृष्टिकाेण अपनाया जाए ताे समाज के सभी वर्गाें की प्रगति संभव है. लाेकमान्य मल्टिपर्पज काे-ऑप साेसायटी लिमिटेड ने इसी विचारधारा पर चलते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और इसी कारण सहकार आंदाेलन काे नई दिशा मिली है.
 
यह बात महाराष्ट्र सरकार की नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने गुरुवार काे पुणे में कही. वे लाेकमान्य मल्टिपर्पज काे-ऑप साेसायटी लि. की घाेले राेड शाखा के स्थानांतरण समाराेह में बाेल रही थीं्. इस अवसर पर पुणे महानगरपालिका की नगरसेविका प्रा. डाॅ. निवेदिता एकबाेटे, ङ्गलाेकमान्यफ के संस्थापक-अध्यक्ष तथा ङ्गतरुण भारतफ समूह के प्रमुख डाॅ. किरण ठाकुर, उपाध्यक्ष अजित गरगट्टी, संचालक गजानन धामणेकर, विठ्ठल प्रभू, संचालिका सई ठाकुर-बिजलानी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दीपक गुरूंग, पुणे विभागीय प्रबंधक सुशील जाधव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. माधुरी मिसाल ने कहा कि किसी भी बैंक या सहकारी संस्था की सफलता के पीछे अनेक लाेगाें का याेगदान हाेता है.
 
खाताधारकाें, जमाकर्ताओं और संचालक मंडल के साथ कर्मचारियाें की भूमिका भी संस्था की प्रगति में महत्वपूर्ण हाेती है. उन्हाेंने बताया कि वर्ष 1987 के दाैरान उन्हाेंने स्वयं बैंक के संचालक के रूप में कार्य किया है, इसलिए वे अनुभव के आधार पर यह बात कह रही हैं. उन्हाेंने कहा कि डाॅ. किरण ठाकुर के मार्गदर्शन में ‘लाेकमान्य’ ने बड़ी छलांग लगाई है. आज संस्था की 213 शाखाएं हैं और इसके पास 12,500 कराेड़ रुपये की जमा राशि है, जाे लंबे और निरंतर प्रयासाें का परिणाम है.
 
मिसाळ ने कहा कि लाेकमान्य जैसी संस्था केवल सहकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और अन्य क्षेत्राें में भी महत्वपूर्ण याेगदान दे रही है. संस्था ने सामाजिक जिम्मेदारी की भावना काे भी लगातार बनाए रखा है और यह सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है. लाेकमान्य नाम ही पर्याप्त है : प्रा. डाॅ. निवेदिता एकबाेटे प्रा. डाॅ. निवेदिता एकबाेटे ने कहा कि पिछले 31 वर्षाें में ‘लाेकमान्य साेसायटी’ ने जाे कार्य किया है, वह वास्तव में सराहनीय है. कर्नाटक, गाेवा और महाराष्ट्र में संस्था ने मजबूत नेटवर्क तैयार किया है. संस्था के कार्याें का परिचय देने के लिए केवल ‘लाेकमान्य’ नाम ही पर्याप्त है. राेजगार सृजन के साथ-साथ लाेगाें की समस्याओं के समाधान में भी संस्था प्रभावी भूमिका निभा रही है. उन्हाेंने कहा कि देशस्तरीय संस्था का शहीद राजगुरु के वंशजाें की इमारत में आना गाैरव की बात है. उनका निवास भी इसी क्षेत्र में है, इसलिए शाखा का यहां आना विशेष खुशी का विषय है.
 
राजगुरु परिवार की इमारत में स्थानांतरित लाेकमान्य काे-ऑप साेसायटी लि. की घाेले राेड शाखा काे शहीद राजगुरु के वंशजाें की इमारत में स्थानांतरित किया गया है. यह शाखा अब घाेले राेड स्थित रेवेन्यू काॅलाेनी में संचालित हाेगी.