नई दिल्ली, 27 सितंबर (वि.प्र./वार्ता)
उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश से 1000 कराेड़ का नुकसान हुआ. यूपी में भारी बारिश से मृतकाें की संख्या बढ़कर 65 हाे गईं हैं. राज्य की सारी नदियां उफान पर यानि कि खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. खरीफ की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हाे चुकी है.
बिहार में 6 हजार गांवाें का संपर्क टूट जाने से लाेग परेशान हैं. 500 से ज्यादा घराें में पानी घुस जाने से लाेगाें की दिनचर्या प्रभावित हाे गई है.
उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी ने मुसीबत बढ़ा दी है. केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन से 4000 यात्री बीच रास्ते में फंसे हुए हैं. हालांकि यात्रा स्थगित, राजस्थान के 16 जिलाें में अलर्ट जारी है. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार उत्तर प्रदेश में शनिवार काे बारिश ने आफत का रूप ले लिया. तराई , बुंदेलखंड और अन्य इलाकाें में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई और करीब 10 जिलाें में 200 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा. रविवार की सुबह लखनऊ सहित आसपास के जिलाें में हल्की बारिश का क्रम जारी है. बारिश के असर से कई जिलाें में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया. बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जाे सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है. इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया. माैसम विभाग का कहना है कि रविवार काे भी प्रदेश के कई इलाकाें में भारी बारिश के संकेत हैं. मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. तराई के नाै अन्य जिलाें में भारी बारिश का येलाे अलर्ट जारी किया गया है.
प्रदेश के 27 जिलाें में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झाेंकेदार हवाएं चल सकती हैं. शनिवार काे लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 मिलीमीटर बारिश हुई. सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि साेमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियाें में कमी आने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार शाम तक भी नहीं थमा.
इतना बरसा कि बारिश लाेगाें के लिए आफत बन गई. कई जगह कच्चे मकान ढह गए. जगह-जगह पेड़, पाेल गिरने से रास्ते बाधित हाे गए. बिजली के पाेल उखड़ने और लाइन टूटने से आपूर्ति बाधित हुई. बारिश के कारण हुए हादसाें में प्रदेश भर में 58 लाेगाें की जान चली गई.