पुणे, 27 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
सहकारिता के माध्यम से समृद्धि और सामाजिक प्रतिबद्धता का दृष्टिकोण अपनाया जाए तो समाज के सभी वर्गों की प्रगति संभव है. लोकमान्य मल्टिपर्पज को-ऑप सोसायटी लिमिटेड ने इसी विचारधारा पर चलते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और इसी कारण सहकार आंदोलन को नई दिशा मिली है. यह बात महाराष्ट्र सरकार की नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने गुरुवार को पुणे में कही. वे लोकमान्य मल्टिपर्पज को-ऑप सोसायटी लि. की घोले रोड शाखा के स्थानांतरण समारोह में बोल रही थ्ीं. इस अवसर पर पुणे महानगरपालिका की नगरसेविका प्रा. डॉ. निवेदिता एकबोटे, ङ्गलोकमान्यफ के संस्थापक-अध्यक्ष तथा ङ्गतरुण भारतफ समूह के प्रमुख डॉ. किरण ठाकुर, उपाध्यक्ष अजित गरगट्टी, संचालक गजानन धामणेकर, विठ्ठल प्रभू, संचालिका सई ठाकुर-बिजलानी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दीपक गुरूंग, पुणे विभागीय प्रबंधक सुशील जाधव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. माधुरी मिसाल ने कहा कि किसी भी बैंक या सहकारी संस्था की सफलता के पीछे अनेक लोगों का योगदान होता है. खाताधारकों, जमाकर्ताओं और संचालक मंडल के साथ कर्मचारियों की भूमिका भी संस्था की प्रगति में महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1987 के दौरान उन्होंने स्वयं बैंक के संचालक के रूप में कार्य किया है, इसलिए वे अनुभव के आधार पर यह बात कह रही हैं. उन्होंने कहा कि डॉ. किरण ठाकुर के मार्गदर्शन में ‘लोकमान्य’ ने बड़ी छलांग लगाई है. आज संस्था की 213 शाखाएं हैं और इसके पास 12,500 करोड़ रुपये की जमा राशि है, जो लंबे और निरंतर प्रयासों का परिणाम है. मिसाळ ने कहा कि लोकमान्य जैसी संस्था केवल सहकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. संस्था ने सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी लगातार बनाए रखा है और यह सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है. लोकमान्य नाम ही पर्याप्त है : प्रा. डॉ. निवेदिता एकबोटे प्रा. डॉ. निवेदिता एकबोटे ने कहा कि पिछले 31 वर्षों में ‘लोकमान्य सोसायटी’ ने जो कार्य किया है, वह वास्तव में सराहनीय है. कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र में संस्था ने मजबूत नेटवर्क तैयार किया है. संस्था के कार्यों का परिचय देने के लिए केवल ‘लोकमान्य’ नाम ही पर्याप्त है. रोजगार सृजन के साथ-साथ लोगों की समस्याओं के समाधान में भी संस्था प्रभावी भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा कि देशस्तरीय संस्था का शहीद राजगुरु के वंशजों की इमारत में आना गौरव की बात है. उनका निवास भी इसी क्षेत्र में है, इसलिए शाखा का यहां आना विशेष खुशी का विषय है. राजगुरु परिवार की इमारत में स्थानांतरित लोकमान्य को-ऑप सोसायटी लि. की घोले रोड शाखा को शहीद राजगुरु के वंशजों की इमारत में स्थानांतरित किया गया है. यह शाखा अब घोले रोड स्थित रेवेन्यू कॉलोनी में संचालित होगी.
1995 में हुई थी इसकी शुरुआत, आज 213 शाखाएं
डॉ. किरण ठाकुर ने ‘लोकमान्य’ की अब तक की यात्रा का विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 1995 में बेलगावी में संस्था की स्थापना हुई थी. 31 वर्षों में संस्था ने 213 शाखाओं का नेटवर्क खड़ा किया है और इसके पास 12,500 करोड़ रुपये की जमा राशि है. वर्तमान में संस्था में 2,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत ह्ैं. इसके साथ ही संस्था ने 32 गांवों को भी अपनाया है. कार्यक्रम के दौरान लेखक श्याम भुर्के, शैलेश तिलक, शहीद राजगुरु के वंशजों में अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हर्षवर्धन राजगुरु और सत्यशील राजगुरु सहित सुनील गावसकर, ज्ञानेेशर गुरव तथा अन्य व्यक्तियों का सम्मान किया गया. कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सुशील जाधव ने किया.