बच्चे जीनियस ही पैदा होते हैं, उन्हें मौका दें

    29-Sep-2026
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Osho 
जिस बेटे काे तुम कहते हाे, मैंने प्रेम किया-प्रेम किया? बेटे में तुमने महत्वकांक्षा की है कि तुम जाे नहीं कर पाये, बेटा पूरा करेगा. तुम जाे अधूरा छाेड़ जाओगे, बेटा पूरा करेगा. बेटे के माध्यम से तुमने एक तरफ का अमरत्व साधना चाहा. तुम ताे मराेगे, तुम्हारा अंश तुम्हारे बेटे में जियेगा. चलाे इतना ही नहीं सही, पूरे न बचाेगे, एक अंश बचेगा. वृक्ष न बचेगा, लेकिन एक बीज ताे बचेगा. चलाे यही सही. इतना ताे इंतजाम कर लें काैन अपने बेटे काे प्रेम करता है! बेटे के माध्यम से कुछ और चीजेंं है, कुछ अहंकार की घाेषणाएं हैंं जिन्हें तुम पूरा करना चाहते हाे.
 
तुम नहीं बन पाये प्रधानमंत्री, बेटा बन जायेगा. तुम नहीं हाे पाये बड़े धनकुबेर, बेटा हाे जायेगा. नाम ताे रहेगा. नाम ताे तुम्हारा है, बेटा ताे तुम्हारा है! इसलिए दुनिया में इतने मां-बाप कहते है कि हम अपने बच्चाें काे प्रेम करते है, लेकिन दुनिया में कहीं प्रेम दिखाई नहीं पड़ता. सभी बच्चे ताे मां-बाप से पैदा हाेते है. अगर सच में ही मां-बाप प्रेम करते हैं ताे सभी बच्चे प्रेम से पैदा हाे और उनके जीवन में प्रेम की सुगंध हाे. लेकिन वाे सुगंध ताे कहीं दिखाई नहीं पड़ती. दिखाई ताे पड़ती है घृणा की दुर्गन्ध. दिखाई ताे पड़ता है युद्ध, वैमनस्य, हत्या, हिंसा, क्राेध और सभी प्रेम के स्राेत से आते हैं. ताे जरूर प्रेम के स्राेत में कहीं काेई जहर मिला है. क्याेंकि अंतिम परिणाम बताते हैं.
 
फल से पता चलता है वृक्ष का. ताे तुम्हारे बेटे के जीवन में अगर प्रेम फले ताे ही पता चलेगा कि तुमने प्रेम किया था, तुमने प्रेम की खाद डाली थीं. लेकिन किसी बेटे के जीवन से पता नहीं चलता.