शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों से मारपीट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की जमानत का फैसला पलटा

    29-Sep-2026
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ShivSena 
नई दिल्ली, 28 सितंबर (वि.प्र.)
शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे की जमानत सुप्रीम काेर्ट ने रद्द कर दी है.सुप्रीम काेर्ट ने डाॅ्नटराें से मारपीट मामले में बाॅम्बे हाईकाेर्ट की जमानत का फैसला रद्द किया. फटकार लगाते हुए कहा - आपराधिक छवि के नेता काे जमानत देना गलत है जिसके खिलाफ 19 मामले दर्ज हाें वह जेल से बाहर रहकर केस प्रभावित कर सकता है, 3 दिन में अंदर जेल में सरेंडर करें.
 
डाेंबिवली के शास्त्रीनगर हाॅस्पिटल में डाॅक्टराें और कर्मचारियाें से मारपीट मामले में एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नगरसेवक रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सुप्रीम काेर्ट ने राज्य सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए बाॅम्बे हाई काेर्ट की ओर से दी गई जमानत काे रद्द कर दिया है. अदालत ने म्हात्रे और तीन अन्य आराेपियाें काे तीन दिनाें के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम काेर्ट की पीठ में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल थे. अदालत ने सुनवाई के दाैरान डाॅक्टराें और चिकित्सा कर्मचारियाें की सुरक्षा काे लेकर गंभीर चिंता जताई.
 
अदालत ने म्हात्रे के खिलाफ दर्ज मामलाें की संख्या का भी उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे आपराधिक मामलाें की पृष्ठभूमि वाले नेता के जमानत पर बाहर रहने की स्थिति में निष्पक्ष मुकदमा कैसे चल पाएगा. सुप्रीम काेर्ट ने सुनवाई के दाैरान शिवसेना नगरसेवक के वकील से तीखे सवाल पूछे.
 
पीठ ने आराेपी रमेश म्हात्रे के आपराधिक रिकाॅर्ड का जिक्र करते हुए पूछा कि जिसके खिलाफ पहले से ही 19 मामले दर्ज हैं, अगर ऐसा नेता जमानत पर बाहर रहेगा ताे मामले का निष्पक्ष मुकदमा कैसे संभव है? क्या ऐसे में गवाह बिना किसी डर के अदालत के सामने आकर अपनी गवाही दे पाएंगे?