नाेएडा, 2 सितंबर (वि.प्र.)
नाेएडा में मजदूराें के हिंसक प्रदर्शन मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चाैधरी काे इलाहाबाद हाईकाेर्ट से बड़ी राहत मिली है. बुधवार काे काेर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत उनके खिलाफ जारी डिटेंशन ऑर्डर काे रद्द कर दिया. काेर्ट ने कहा- आकृति की हिरासत राज्य की ओर से पेश की गई एक मनगढ़ंत कहानी पर आधारित थी. अगर किसी अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी जरूरी न हाे ताे उन्हें तत्काल रिहा किया जाए.
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने आकृति काे 5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया. रुपए नाेएडा डीएम मेधा रूपम के वेतन से देने काे कहा है. इससे पहले, मंगलवार काे हाईकाेर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा था. पूछा था- एफआईआर से पहले शांति भंग की नाेटिस दी गई थी या नहीं. काेर्ट ने मजदूराें काे भड़काने वाले वीडियाे और वाॅट्सऐप चैट की भी डिटेल मांगी थी. दरअसल, 13 अप्रैल 2026 काे यूपी के नाेएडा में मजदूराें का हिंसक प्रदर्शन हुआ.
इस केस में लखनऊ के जर्नलिस्ट सत्यम वर्मा और नाेएडा की एक्टिविस्ट आकृति चाैधरी पर एनएसए लगाया गया. इन पर साेशल मीडिया पर मजदूराें काे भड़काने और विदेशी फंडिंग जैसे आराेप लगाए गए थे. यूपी सरकार ने काेर्ट में कहा कि आकृति चाैधरी काे 12 अप्रैल सुबह 10:56 बजे गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (एनएसए) की धारा 130 के तहत नाेटिस भी दिया.