लोनावला, 2 सितंबर (आ.प्र.) भारत की युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए योग को स्कूल और कॉलेजों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है. प्रत्येक स्कूल और कॉलेज में योग्य योग शिक्षक या प्रशिक्षक का एक अलग पद बनाया जाना चाहिए. इससे युवाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के साथसाथ प्रशिक्षित योग पेशेवरों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया. लोनावला स्थित कैवल्यधाम योग संस्थान में स्वामी कुवलयानंद की 143वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे. इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, कैवल्यधाम के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुबोध तिवारी, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे और प्रबंध परिषद की सदस्य पुष्पा मांडके उपस्थित थीं. इस अवसर पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत के पास विशाल युवा शक्ति है, और यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो यह देश के लिए सबसे बड़ा डेमोग्राफिक डिविडेंड साबित हो सकता है. योग से छात्रों में एकाग्रता, शारीरिक फिटनेस, भावनात्मक संतुलन और आत्म-जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसलिए, योग केवल समय-समय पर की जाने वाली गतिविधि न होकर शिक्षा प्रणाली का एक नियमित हिस्सा बनना चाहिए.