पाषाण, 2 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को छठे दिन भी जारी रहा. संस्थान ने छात्रों के मांगपत्र का जवाब देते हुए मानसिक स्वास्थ्य, उपस्थिति, होस्टल में आवागमन, साझा स्थानों और प्रतिशोधात्मक अनुशासनात्मक कार्रवाई से सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी. संस्थान को 31 अगस्त को छात्रों का मांगपत्र मिला था. निदेशक प्रोफेसर सुनील भागवत ने कहा कि प्रशासन अधिकांश मांगों के समाधान के लिए व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहा है. भागवत और कुछ शिक्षक प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे और उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली. संस्थान ने कहा कि भागवत की ओर से तीन से पांच छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक का निमंत्रण अब भी खुला है. आइसर में वर्तमान में दो पूर्णकालिक काउंसलर हैं और दो और काउंसलर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संस्थान दो पार्ट टाइम काउंसलर के पदों की संभावना पर भी विचार कर रहा है. महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थमें चल रहे आत्महत्या रोकथाम गेटकीपर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. संस्थान का मानसिक स्वास्थ्य केंद्र उन छात्रों को मनोचिकित्सकीय देखभाल के लिए चखचक भेजता है, जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है. साथ ही, परिसर में ही मनोचिकित्सकीय सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. चिकित्सा समिति 24 घंटे ऑनलाइन काउंसलिंग की सुविधा शुरू करने की योजना बना रही है और मनोचिकित्सकीय रेफरल के लिए अतिरिक्त अस्पतालों की तलाश कर रही है. आइसर ने कहा कि मौजूदा बीमा के तहत कवर नहीं होने वाले आपातकालीन चिकित्सा खर्चों की भरपाई संस्थान करेगा. हाल में परिसर में हुई एक छात्र की मृत्यु के बाद संस्थान ने 17 से 31 अगस्त तक दो सप्ताह के लिए व्याख्यान और प्रयोगशाला सत्रों में उपस्थिति की अनिवार्यता में छूट दी थी.