अवैध जीबी का आरोप कर एनसीपी का वॉक-आउट

कोर्ट में चुनौती देने का फैसला : बीजेपी ने बैठक को पूरी तरह से वैध बताया

    03-Sep-2026
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sabha
पिंपरी, 2 सितंबर (आ.प्र.)
मनपा की नियमित जनरल बाॅडी मीटिंग के लिए सात दिनाें की पूरी नाेटिस नहीं दी गई, स्थगित बैठक के विषयाें काे नियमित बैठक में शामिल किया जा सकता है या नहीं, इस पर नगर निगम अधिनियम में स्पष्टता न हाेने के बावजूद विषयाें काे कैसे शामिल किया गया, यह सवाल उठाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) ने बैठक काे अवैध करार दिया है.
 
इसके खिलाफ अदालत में जाने की बात कहते हुए राष्ट्रवादी के नगरसेवकाें ने सदन से वाॅक-आउट किया, जबकि सत्ताधारी बीजेपी ने बैठक काे पूरी तरह से कानूनी बताते हुए कामकाज पूरा किया. मनपा की सितंबर महीने की साधारण सभा बुधवार काे आयाेजित की गई थी. महापाैर रवि लांडगे ने बैठक की अध्यक्षता की. राष्ट्रवादी के वरिष्ठ नगरसेवक याेगेश बहल ने सवाल उठाया, नियमित बैठक आयाेजित करने के लिए पूरे सात दिनाें का नाेटिस देना अनिवार्य है, लेकिन नाेटिस दिए जाने के पांचवें दिन ही बैठक बुलाई जा रही है. नगर निगम अधिनियम के अनुसार स्थगित बैठक के विषयाें काे स्थगित बैठक में ही मंजूरी देना अनिवार्य है.
 
इसके बावजूद अगस्त महीने की स्थगित बैठक के 31 में से चुनिंदा 18 विषयाें काे किस नियम के तहत सितंबर की साधारण सभा में शामिल किया गया? विधि विभाग के उपायुक्त राजेश आगले ने इसका जवाब देते हुए कहा, सात दिनाें का पूरा नाेटिस दिया जाना चाहिए.
 
हालांकि, स्थायी समिति के सदस्याें द्वारा मांगी गई बैठक के लिए तीन दिनाें का नाेटिस देना अनिवार्य है. स्थगित बैठक के विषयाें काे दूसरी बैठक में लिया जाए या नहीं, इस बारे में नगर निगम अधिनियम में ऐसा काेई प्रावधान नहीं दिखता है.
 
बुधवार (2 सितंबर) की बैठक काेई विशेष बैठक नहीं बल्कि नियमित मासिक बैठक है, इसलिए यह बैठक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत वैध रूप से आयाेजित की गई है. इस पर बहल ने कहा, स्थायी समिति के प्रस्ताव के अनुसार विशेष बैठक आयाेजित की जाती है. यह एक नियमित बैठक है.
 
इस बैठक के लिए सात दिनाें का पूरा नाेटिस देना अनिवार्य हाेने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया. स्थगित बैठक के विषयाें काे नियमित बैठक में शामिल किया जा सकता है या नहीं, इस पर स्पष्टता न हाेने के बावजूद विषयाें काे कैसे लिया गया? गलत बाताें का समर्थन न करने की बात कहते हुए और प्रशासन का विराेध जताते हुए राष्ट्रवादी (एनसीपी) के नगरसेवकाें ने सभा से वाॅक-आउट कर दिया.