योग को शिक्षा से जोड़ें : जिष्णु देव वर्मा

कैवल्यधाम योग संस्थान के कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा

    03-Sep-2026
Total Views |

education 
लाेनावला, 2 सितंबर (आ.प्र.)
भारत की युवा शक्ति काे सही दिशा देने के लिए याेग काे स्कूल और काॅलेजाें के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है. प्रत्येक स्कूल और काॅलेज में याेग्य याेग शिक्षक या प्रशिक्षक का एक अलग पद बनाया जाना चाहिए. इससे युवाओं के स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के साथसाथ प्रशिक्षित याेग पेशेवराें के लिए राेजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा हाेंगे, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया.
 
लाेनावला स्थित कैवल्यधाम याेग संस्थान में स्वामी कुवलयानंद की 143वीं जयंती के अवसर पर आयाेजित कार्यक्रम में वे बाेल रहे थे. इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, कैवल्यधाम के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुबाेध तिवारी, राज्यपाल के सचिव डाॅ. प्रशांत नारनवरे और प्रबंध परिषद की सदस्य पुष्पा मांडके उपस्थित थीं.
 
इस अवसर पर बाेलते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत के पास विशाल युवा शक्ति है, और यदि इसका सही उपयाेग किया जाए ताे यह देश के लिए सबसे बड़ा डेमाेग्राफिक डिविडेंड साबित हाे सकता है.
 
याेग से छात्राें में एकाग्रता, शारीरिक फिटनेस, भावनात्मक संतुलन और आत्म-जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसलिए, याेग केवल समय-समय पर की जाने वाली गतिविधि न हाेकर शिक्षा प्रणाली का एक नियमित हिस्सा बनना चाहिए.