मुंबई, 29 सितंबर (आ. प्र.) राजस्थान जैन मूर्ति पूजक संघ, भट्टीपाडा, भांडुप, मुंबई में वर्षावास के दरम्यान दर्शन-ज्ञान-चरित्र एवं तप आराधना की शांतिमय मंगलमय पूर्णाहुति के लिए श्री संघ में एकादशान्हिका महामहोत्सव का आगाज शनिवार (26 सितंबर) से हुआ है. सोमवार (5 अक्टूबर) को महामहोत्सव संपन्न होगा. इस महामहोत्सव में सूरीमंत्र महापूजन का विधान श्री संघ में प्रथम बार आयोजन हुआ. इस पूजन को लेकर लोगों में बडी उत्सुकता थी और वे देखने, सुनने और पूजन में जुड़ने बैठने के लिए उत्कंठित थे. महापूजन के लाभार्थियों एवं समस्त संघ के भाग्यशालियों ने पूजन का भावपूर्वक लाभ लिया एवं धन्यता का अनुभव किया. पूजन के मध्य मुंबई महानगर के बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम पधारे और गुरुदेव से आशीर्वाद लिया. उन्होंने कहा की मुझे भी राजकीय क्षेत्र में कार्य करने के लिए ऊर्जा की जरूरत रहती है और हमेशा सूरीमंत्र महापूजन में आध्यात्मिक शक्तियों की पूर्ति के लिए काम आया करता है. पूजन के मध्य आचार्य श्री महेंद्रसागरसूरीजी ने सूरीमंत्र का महत्व बताते कहा कि, जीवन में सभी तरह के आहार- पानी, वानी-इन्द्रियों मन एवं काया इत्यादि के संयमपूर्वक संयम विशुद्धि - आदि की योग्यता पाने के बाद सूरीपद से संघ के निवेदन पर आरुढ़ किये जाते हैं, तत्पश्चात् उन्हें सूरीमंत्र साधना का अधिकार संप्राप्त होता है और उस साधना के बदौलत सूरी भगवंत की प्रभावकता शासन रक्षा एवं संघ के योगक्षेम की शक्तियां आचार्य भगवंत को प्राप्त होती है.