मुंबई, 29 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
पुणे की अर्थव्यवस्था काे वर्ष 2036 तक करीब 19 लाख कराेड़ रुपये के स्तर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष पेश किए गए ‘पुणे ग्राेथ हब’ के राेडमैप में अगले दशक में 10 लाख कराेड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और करीब 20 लाख अतिरिक्त राेजगार के अवसर सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है.
सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से लेकर उद्याेग, स्टार्टअप, किफायती आवास और बुनियादी ढांचे काे गति देने पर जाेर देते हुए पुणे की आर्थिक विकास दर काे माैजूदा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में ठाेस कदम उठाने का संकल्प व्यक्त किया गया है. नीति आयाेग के ग्राेथ हब उपक्रम के तहत पुणे आर्थिक क्षेत्र के समग्र विकास का राेडमैप तैयार किया गया है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में इसका प्रस्तुतिकरण किया गया. पुणे आर्थिक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था काे वित्त वर्ष 2025-26 के 68 अरब डाॅलर से बढ़ाकर 2035-36 तक 200 से 220 अरब डाॅलर करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 58 प्राथमिकता वाली परियाेजनाओं के साथ 9 से 10 लाख कराेड़ रुपये के निवेश और 15 से 20 लाख अतिरिक्त राेजगार सृजन की याेजना है. सार्वजनिक परिवहन, किफायती आवास और पर्यावरण संरक्षण पर भी जाेर दिया गया है.
सह्याद्रि अतिथिगृह में हुई बैठक में राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और महाराष्ट्र वित्त आयाेग के अध्यक्ष नितीन करीर सहित विभिन्न विभागाें के सचिव उपस्थित थे.
आईएसईजी के प्रबंध निदेशक शिरीष संख्ये और मैकेंजी के राैनक शाह ने प्रस्तुतीकरण किया. यह प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 काे शुरू हुई थी. नीति आयाेग, महाराष्ट्र सरकार और पुणे इंटरनेशनल सेंटर के सहयाेग से तैयार राेडमैप में पुणे मनपा, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा और पीएमआरडीए क्षेत्र शामिल हैं. इसे नागरिकाें, उद्याेगाें, शैक्षणिक संस्थानाें और स्थानीय संगठनाें से चर्चा के बाद तैयार किया गया है.
पर्यटन और परिवहन पर जाेर पुणे काे देश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलाें में शामिल करने के लिए किला-झील परिपथ, खेल-साहसिक, स्वास्थ्य-विवाह, कार्यक्रम, वन्यजीव और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन पर जाेर है.
शिवनेरी-लाेहगढ़-राजगढ़-सिंहगढ़ किला परिपथ, पवना-भाटघर जल पर्यटन केंद्र, 600 किमी सह्याद्रि ट्रेकिंग मार्ग, स्वास्थ्य पर्यटन पट्टी, पीआईईसीसी कार्यक्रम एवं मनाेरंजन केंद्र और जुन्नर तेंदुआ सफारी प्रस्तावित हैं.
सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 13 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लिए 11 रेल, 13 सड़क परियाेजनाएं, 250 किमी मेट्राे नेटवर्क, 12 से 14 हजार बसें और छह बहुविध परिवहन केंद्र प्रस्तावित हैं.2036 तक 90 प्रतिशत पात्र झाेपड़ीवासियाें के पुनर्वास तथा विभिन्न वर्गाें के लिए 4 से 5 लाख किफायती घर बनाने का लक्ष्य है, जिसमें 1 लाख कामगार छात्रावास शामिल हैं. अंगूर, केला, अनार, अंजीर और स्ट्राॅबेरी के साथ डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, काेल्ड स्टाेरेज और जैव ईंधन काे बढ़ावा दिया जाएगा. कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण का सकल मूल्यवर्धन 5 से बढ़ाकर 10 से 12 अरब डाॅलर करने का लक्ष्य है. पुणे काे करीब 200 एमएलडी अतिरिक्त पानी की जरूरत है. मुलशी से 7 टीएमसी पानी, भामा घाटी से जलापूर्ति, पुन: उपयाेग, प्रभावी वितरण और जलाशयाें से गाद निकालने के उपाय प्रस्तावित हैं.
महिलाओं और युवाओं के लिए काैशल विकास, आईटीआई और विश्वविद्यालयाें में नए पाठ्यक्रम तथा इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्राॅनिक्स, राेबाेटिक्स और जैव प्राैद्याेगिकी में प्रशिक्षण पर जाेर दिया जाएगा.
सेमीकंडक्टर, औद्याेगिक आवास, एमएसएमई, एकीकृत नगर विकास, पर्यटन, समूह पुनर्विकास, निजी औद्याेगिक पार्क, स्टार्टअप और झाेपड़पट्टी पुनर्विकास से जुड़ी नीतिगत सुधार भी प्रस्तावित हैं. क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नियामक परिषद, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति, पुणे ग्राेथ हब संचालन समिति और पीएमआरडीए के तहत परियाेजना प्रबंधन कक्ष प्रस्तावित है.