सांगवी, 29 सितंबर (आ.प्र.)
युवाओं के हाथाें काे राेजगार देना, उन्हें काैशल और नवाचार के बल पर आगे बढ़ने के लिए प्राेत्साहित करना और इस युवा शक्ति की भागीदारी से सक्षम व विकसित देश का निर्माण करना ही बीजेपी का उद्देश्य है, यह बात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार काे कही. वह चिंचवड़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक शंकर जगताप के मार्गदर्शन में नई सांगवी में आयाेजित ‘राेजगार महाकुंभ - 2026’ में बाेल रहे थे. आज के इस महाकुंभ में 8,157 युवाओं ने राेजगार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया.
विभिन्न कंपनियाें में इन युवाओं के साक्षात्कार संपन्न हुए. इनमें से 3,200 से ज्यादा युवाओं काे राेजगार का अवसर प्राप्त हाेगा. कुछ चयनित उम्मीदवाराें काे चव्हाण के हाथाें प्रतीकात्मक रूप से नियुक्तिपत्र (ऑफर लेटर) प्रदान किए गए.
नवी सांगवी स्थित न्यू मिलेनियम इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयाेजित ‘राेजगार महाकुंभ’ के अवसर पर इस दाैरान महापाैर रवि लांडगे, विधायक महेश लांडगे, उमा खापरे, पूर्व विधायक अश्विनी जगताप, बीजेपी शहराध्यक्ष शत्रुघ्न काटे, पार्टी नेता प्रशांत शिताेले, स्थायी समिति सभापति अभिषेक बारणे, बीजेपी महासचिव मधुकर बच्चे, प्रतिभा महिला प्रतिष्ठान की रूपाली देवकर, विद्या गाेते सहित प्रतिष्ठान की सदस्य उपस्थित थीं.
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश के कामकाज में पारदर्शिता लाने और व्यवस्था से भ्रष्टाचार व बाधाओं काे दूर करने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने प्रयास किए. यदि देश काे विकसित भारत की दिशा में ले जाना है, ताे प्रत्येक नागरिक काे ‘देश प्रथम’ की भावना रखकर अपना याेगदान देना चाहिए. उन्हाेंने कहा कि राेजगार मेले युवाओं काे अवसर प्रदान करते हैं; उन अवसराें काे काैशल, कड़ी मेहनत और नए विचाराें के बल पर प्रगति में बदलना युवाओं के हाथ में है. प्रस्तावना में विधायक शंकर जगताप ने कहा कि प्रधानमंत्री माेदी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे सेवाभावी कार्यक्रमाें की पृष्ठभूमि में इस राेजगार महाकुंभ का आयाेजन किया गया है. यह केवल एक नाैकरी मेला (जाॅब फेयर) नहीं है, बल्कि युवाओं के सपनाें व क्षमताओं काे उद्याेगाें की जरूरताें से जाेड़ने वाला एक मंच है. उद्याेगाें काे कुशल मैनपाॅवर नहीं मिलती और याेग्य युवाओं काे सही नाैकरी नहीं मिलती, इस अंतर काे कम करने के लिए युवाओं, कंपनियाें, औद्याेगिक प्रतिष्ठानाें, प्रशिक्षण संस्थानाें और सरकार काे एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है.
‘डाेर-स्टेप एम्प्लाॅयमेंट’ (घर तक राेजगार) की अवधारणा से राेजगार के अवसराें काे युवाओं के करीब ले जाया जा रहा है. इस संबंध में जगताप ने राज्य में 500 से अधिक राेजगार मेलाें व प्लेसमेंट ड्राइव का, तथा पुणे जिले के 30 शैक्षणिक संस्थानाें में आयाेजित मेलाें का उल्लेख किया. उन्हाेंने यह उम्मीद भी व्यक्त की कि महिलाओं, दिव्यांगाें और आर्थिक रूप से कमजाेर युवाओं काे विशेष अवसर मिले.