हिंजवड़ी के लंबित मुद्दों हेतु विशेष टास्क फोर्स बनेगा

विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जानदारी दी

    04-Sep-2026
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हिंजवड़ी/पुणे, 3 सितंबर
(आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने निर्देश दिए कि हिंजवड़ी क्षेत्र में सड़काें, यातायात, पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन और मेट्राे सहित विभिन्न लंबित मुद्दाें काे हल करने के लिए ठाेस कार्य याेजना तैयार की जाए और उसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए. उन्हाेंने यह भी कहा कि क्षेत्र की भविष्य की जरूरताें काे ध्यान में रखते हुए पीएमआरडीए द्वारा तैयार किए गए लगभग 426 कराेड़ के डेवलपमेंट प्लान में तेजी लाने के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियाें के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है.
 
हिंजवड़ी क्षेत्र में नागरिक और बुनियादी ढांचा सुविधाओं के मुद्दाें तथा हिंजवड़ी ‘मान’ मारुंजी क्षेत्र के नागरिकाें की प्रमुख मांगाें की समीक्षा के लिए उपमुख्यमंत्री पवार की उपस्थिति में एक बैठक आयाेजित की गई. इस अवसर पर विधायक शंकर मांडेकर, उपमुख्यमंत्री के सचिव डाॅ. राजेश देशमुख, विभागीय आयुक्त शीतल तेलीउगले, पुणे मनपा आयुक्त नवलकिशाेर राम, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डाॅ.
 
विजय सूर्यवंशी, पीएमआरडीए आयुक्त डाॅ. अभिजीत चाैधरी, कले्नटर जीतेंद्र डूडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल, पीएमपीएमएल के प्रबंध निदेशक महेश आव्हाड, विभिन्न विभागाें के अधिकारी, स्थानीय नागरिक और विभिन्न कंपनियाें के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
 
हिंजवड़ी काे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि पिछले कई वर्षाें से लंबित मुद्दाें पर अब ठाेस और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है. हिंजवड़ी क्षेत्र में पीएमआरडीए, एमआईडीसी, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा, मेट्राे, लाेक पीडब्ल्यूडी, महावितरण और ग्राम पंचायताें जैसी कई एजेंसियां कार्य कर रही हैं. इन सभी एजेंसियाें के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है. इसलिए चाकण की तर्ज पर हिंजवड़ी के लिए एक विशेष टास्क फाेर्स गठित करने का निर्दे श उन्हाेंने दिया. उन्हाेंने यह भी रेखांकित किया कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार हमेशा हिंजवड़ी क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत रहते थे और उन्हाेंने क्षेत्र का निरीक्षण तथा विकास कार्याें की समीक्षा कर समस्याओं का समाधान किया था. उपमुख्यमंत्री पवार ने बताया कि पीएमआरडीए द्वारा तैयार किए गए लगभग 426 कराेड़ के विकास प्रारूप काे तेजी से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री से तुरंत बैठक आयाेजित करने का अनुराेध किया जाएगा. संबंधित विभाग अपने कार्याें की ब्लूप्रिंट तैयार करें और तुरंत कार्रवाई शुरू करें. सड़क, मेट्राे, ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन, पानी और बिजली आपूर्ति की समस्याओं पर नियंत्रण पाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियाें की हर सप्ताह एक समन्वय बैठक आयाेजित की जाएगी. उन्हाेंने यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल बढ़ाने, सीसीटीवी लगाने और आवश्यक आपातकालीन उपायाें काे तेजी से लागू करने के निर्देश भी दिए.
 
उपमुख्यमंत्री पवार ने अपील की कि प्रशासन के साथ-साथ नागरिकाें और स्थानीय कंपनियाें काे भी अपनी जिम्मेदारी समझकर समन्वय के साथ काम करना चाहिए. हिंजवड़ी के सर्वांगीण विकास के लिए संबंधित एजेंसियाें काे आपसी सहयाेग और तीव्र गति से कार्य करना चाहिए. बैठक में पीएमआरडीए और जिला प्रशासन की ओर से हिंजवड़ी क्षेत्र के विकास और विभिन्न समस्याओं के निवारण पर एक प्रेजेंटेशन दी गई. यह प्रस्तुति पीएमआरडीए आयुक्त डाॅ.
अभिजीत चाैधरी और कले्नटर जीतेंद्र डूडी ने दी.
 
कले्नटर जीतेंद्र डूडी ने प्रस्तुति के माध्यम से हिंजवड़ी में यातायात, सड़काें, कचरे और पानी की आपूर्ति के मुद्दाें की जानकारी दी. उन्हाेंने बताया कि हिंजवड़ी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 5 से 6 लाख नागरिकाें की आवाजाही हाेती है. प्रवेश और निकास के लिए सीमित मार्ग हाेने के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हाेती है. ट्रैफिक जाम के त्वरित समाधान के रूप में महाराष्ट्र सुरक्षा बल (एमएसएफ) के 100 जवानाें की तैनाती, पीक ऑवर्स में भारी वाहनाें पर प्रतिबंध और आईटी कंपनियाें के कामकाजी घंटाें में आवश्यक बदलाव जैसे उपाय प्रस्तावित किए गए हैं. इस संबंध में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयाें काे लागू करने के लिए मंत्रालय स्तर पर बैठक कर सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही गई.