पत्नी का हर जगह पति के साथ जाना जरूरी नहीं

"वोडाफोन डॉग" की तरह पीछे चलने की उम्मीद नहीं कर सकते तलाक केस में मद्रास हाईकोर्ट ने कहा

    04-Sep-2026
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patipatni 
चेन्नई, 3 सितंबर (वि.प्र.)
मद्रास हाईकाेर्ट ने गुरुवार काे कहा कि पत्नी से पति के पीछे वाेडाफाेन के एड वाले पग डाॅग की तरह चलने की उम्मीद नहीं की जा सकती. काेर्ट ने कहा कि नाैकरी या दूसरी वजहाें से पति जहां जाए, पत्नी का हर बार उसके साथ जाना जरूरी नहीं है.
 
यह मामला उस कपल से जुड़ा है, जाे करीब 16 साल से अलग रह रहा था. दाेनाें की शादी 34 साल पहले, सितंबर 1992 में हुई थी. कपल के चार बच्चे भी हैं. अभी पति की उम्र 67 साल है. हाईकाेर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के बीच काफी कड़वाहट है और दाेबारा साथ आने की काेई संभावना नहीं बची है. इसके बाद फैमिली काेर्ट के आदेश काे पलटते हुए तलाक मंजूर कर लिया.
 
हालांकि काेर्ट ने पति काे पत्नी काे 7 लाख गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया. पति ने अपनी तलाक याचिका में बताया था कि वह नाैकरी के लिए तमिलनाडु के शिवगंगा से मुंबई चला गया था, लेकिन पत्नी उसके साथ नहीं गई. 2014 में पति ने शिवगंगा के फैमिली काेर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की. उसने पत्नी पर दूसरे व्यक्ति के साथ अवैध संबंध हाेने का आराेप लगाया. सितंबर 2021 में फैमिली काेर्ट ने पति की तलाक याचिका खारिज कर दी. काेर्ट ने कहा कि पति खुद नाैकरी के लिए मुंबई गया और पत्नी काे साथ नहीं ले गया, इसलिए वह अपनी ही गलती का फायदा उठाकर तलाक नहीं मांग सकता.
 
2021 में फैमिली काेर्ट के फैसले के खिलाफ पति ने मद्रास हाईकाेर्ट में अपील की. पति-पत्नी करीब 16 सालाें से अलग रह रहे थे और पत्नी की ओर से पति के पास लाैटने की काेई औपचारिक काेशिश भी सामने नहीं आई. समझाैते की संभावना तलाशने के लिए हाईकाेर्ट ने दाेनाें पक्षाें से बातचीत की, मगर बात नहीं बन सकी. हाईकाेर्ट ने माना कि रिश्ते में गहरी दरार पड़ चुकी है. दाेबारा साथ आने की संभावना नहीं बची.