पिंपरी, 3 सितंबर (आ.प्र.)
शहर की हजाराें हाउसिंग साेसायटियाें और लाखाें नागरिकाें पर सीधा आर्थिक प्रभाव डालने वाले एसटीपी व सीवरेज कनेक्शन शुल्क के प्रस्ताव काे मनपा की सर्वसाधारण सभा में सत्ताधारी बीजेपी द्वारा बहुमत के बल पर मंजूर किए जाने से विवाद खड़ा हाे गया है. विशेष बात यह है कि इस निर्णय काे लागू करने से पहले साेसायटीधारकाें का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन के साथ काेई विस्तृत चर्चा नहीं की गई, ऐसा आराेप चिखली-माेशी-चर्हाे ली-पिंपरी-चिंचवड हाउसिंग साेसायटी फेडरेशन के अध्यक्ष संजीवन सांगले ने लगाया है. मनपा की सभा में एसटीपी व सीवरेज कनेक्शन शुल्क से संबंधित प्रस्ताव मंजूर किया गया. हालांकि, सांगले ने आराेप लगाया है कि इस प्रस्ताव के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और इसका सीधा आर्थिक प्रभाव साेसायटीधारकाें पर पड़ने की संभावना हाेने के बावजूद बिना पर्याप्त चर्चा किए प्रस्ताव काे पारित कर दिया गया.
संजीवन सांगले ने अपनी बात रखते हुए कहा, शहर की हजाराें साेसायटियाें में रहने वाले लाखाें नागरिकाें से जुड़े विषय पर उनका प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन से चर्चा किए बिना निर्णय लेना उचित नहीं है. नागरिकाें पर आर्थिक बाेझ डालने से पहले प्रशासन और सत्ताधारियाें काे इस निर्णय के हर पहलू काे स्पष्ट करना आवश्यक है. इस बीच, मनपा प्रशासन काे शहर के विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की लागत काे पूरा करने और नागरिकाें पर इसका अनावश्यक आर्थिक बाेझ न डालने के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है. इसलिए, सत्ताधारी बीजेपी द्वारा बहुमत के बल पर मंजूर किए गए इस प्रस्ताव पर क्या प्रशासन अब फेडरेशन के साथ चर्चा करेगा और क्या अमल में लाने से पहले प्रस्ताव की गैरजरूरी बाताें काे दूर करेगा, इस ओर शहर के हजाराें साेसायटीधारकाें का नजरें टिकीं हुई हैं.
पुरानी हाउसिंग साेसायटियाें का कनेक्शन शुल्क वास्तव में काैन भरेगा, यह भी एक प्रमुख मुद्दा है.
इसके अलावा, सांगले ने उल्लेख किया कि मनपा काे यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि क्या अपने एसटीपी का उचित रखरखाव करके ट्रीटेड पानी का री-साइकिलिंग या री-यूज करने वाली इकाे-फ्रेंडली साेसायटियाें काे शुल्क में छूट या प्राेत्साहन देने की काेई नीति है.